उत्तराखंड में इन दिनों पंचायत चुनाव जोरों पर है. भारत में चुनाव और शराब का पुराना नाता है, जिसमें पहाड़ हमेशा से ही एक कदम आगे रहता है.
कल पिथौरागढ़ पुलिस ने ओगला के पास दो वाहनों में जा रही शराब पकड़ी है. 616 अवैध शराब की पेटियों की कीमत 37 लाख रुपये आंकी गयी है.
रात साढ़े नौ बजे ओगला चौकी के निकट चौकी प्रभारी प्रकाश पांडे को डीडीहाट की ओर से आने वाले दो वाहनों पर शक हुआ. चौकी प्रभारी प्रकाश पांडे ने दोनों वाहनों को रुकवा लिया.
वाहनों की तलाशी में पिकअप वाहन में 154 पेटी और कैंटर में 462 पेटी अवैध शराब पाई गयी. वाहन चालकों से शराब ढुलान के प्रपत्र मांगे गए, लेकिन वे कोई कागज नहीं दिखा सके.
इस पर दोनों वाहनों में सवार तीनों लोगों को हिरासत में ले लिया गया. तीनों के खिलाफ अस्कोट थाने में आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है.
दैनिक जागरण में छपी एक खबर के अनुसार पकड़े गए तीन आरोपियों ने अवैध शराब ढुलान का आरोप एक आबकारी निरीक्षक पर लगाया है. जिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार ने कहा कि
पुलिस द्वारा पकड़ी गई अवैध शराब के मामले में आबकारी निरीक्षक की भूमिका की उन्हें कोई जानकारी नहीं है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
पुलिस अधीक्षक आरसी राजगुरु ने कहा है कि
इस मामले में पकड़े गए लोगों से पूछताछ के बाद आबकारी निरीक्षक का नाम सामने आने के मामले की जांच की जा रही है. जांच में आरोप सही पाए गए तो आबकारी निरीक्षक के खिलाफ भी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी.
पुलिस ने अंदेशा जताया है कि अवैध शराब पंचायत चुनाव से पहले बटवाने के लिये मंगाई गयी थी.
पूरे भारत में प्रति व्यक्ति शराब की खपत के मामले में उत्तराखंड का स्थान दूसरा है. प्रति व्यक्ति शराब की खपत के मामले में उत्तराखंड से आगे केवल दिल्ली है. इस लिहाज से देखा जाये तो भारत में सर्वाधिक प्रति व्यक्ति शराब की खपत वाल राज्य उत्तराखंड है.
-काफल ट्री डेस्क
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