Featured

काली कुमाऊँ की झलक – जयमित्र सिंह बिष्ट के फोटो

शाम की रोशनी में नहाया लोहाघाट का खुबसूरत देवदार का जंगल. फोटो : जयमित्र सिंह बिष्ट

देवदार पहाड़ और रोशनी. फोटो : जयमित्र सिंह बिष्ट

काली कुमाऊं में परंपरागत पहाड़ी शैली में निर्मित मकान. फोटो : जयमित्र सिंह बिष्ट

परंपरागत पहाड़ी शैली में बने खिड़कियों के दरवाजे. फोटो : जयमित्र सिंह बिष्ट

पशुओं के चारे के लिये विशेष आकृति ( घास के लुट्टे ) रखी गयी घास. फोटो : जयमित्र सिंह बिष्ट

काली कुमाऊं के बाणासुर किले के इलाके का सुंदर भौगोलिक परिदृश्य. फोटो : जयमित्र सिंह बिष्ट

काली कुमाऊं के खेतीखान के पास प्रकृति की गोद में बसा मां भगवती का मंदिर. फोटो : जयमित्र सिंह बिष्ट

काली कुमाऊं का एक सुंदर घर. फोटो : जयमित्र सिंह बिष्ट

काली कुमाऊं के घरों की छत में लगी पातालें एक अलग विशिष्टता लिए हैं. फोटो : जयमित्र सिंह बिष्ट

शाम के वक्त खेतों से उठता धुँआ. फोटो : जयमित्र सिंह बिष्ट

काली कुमाऊं के कर्णककरायत गांव का विहंगम दृश्य. फोटो : जयमित्र सिंह बिष्ट

लोहाघाट का खुबसूरत देवदार का जंगल. फोटो : जयमित्र सिंह बिष्ट

 

जयमित्र सिंह बिष्ट
अल्मोड़ा के जयमित्र बेहतरीन फोटोग्राफर होने के साथ साथ तमाम तरह की एडवेंचर गतिविधियों में मुब्तिला रहते हैं. उनका प्रतिष्ठान अल्मोड़ा किताबघर शहर के बुद्धिजीवियों का प्रिय अड्डा है. काफल ट्री के अन्तरंग सहयोगी.

वाट्सएप में काफल ट्री की पोस्ट पाने के लिये यहाँ क्लिक करें. वाट्सएप काफल ट्री

बेतालघाट की घाटी का वसंत

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Girish Lohani

View Comments

Recent Posts

बजट में युवाओं के लिए योजना का ढोल है पर उसकी गमक गुम है

उत्तराखंड के आय व्यय लेखे 2026-27 को समझते हुए यह आशंका उभरती है की क्या…

2 weeks ago

जापान में आज भी इस्तेमाल होती है यह प्राचीन भारतीय लिपि

भाषाओं का इतिहास हमेशा रोचक रहा है. दुनिया की कई भाषाओं में ऐसे शब्द मिलते…

2 weeks ago

आज है उत्तराखंड का लोकपर्व ‘फूलदेई’

उत्तराखंड को केवल 'देवभूमि' ही नहीं, बल्कि उत्सवों की भूमि कहना भी बिल्कुल सटीक होगा. यहाँ साल भर…

2 weeks ago

द्वी दिना का ड्यार शेरुवा यौ दुनीं में : अलविदा, दीवान दा

‘यौ डाना कौ पारा, देख्यूंछ न्यारा-न्यारा’ दीवान सिंह कनवाल की आवाज़ में ये गीत पहली कुमाऊनी फ़िल्म…

3 weeks ago

हिमालय को समझे बिना उसे शासित नहीं किया जा सकता

कुमाऊं-गढ़वाल हिमालयी क्षेत्र के लिए भिन्न प्रशासन, विशेष नीति या मैदानी भागों से भिन्न व्यवस्था…

3 weeks ago

पहाड़ों का एक सच्चा मित्र चला गया

बीते दिन सुबह लगभग चार बजे एक ऐसी खबर आई जिसने कौसानी और लक्ष्मी आश्रम…

3 weeks ago