front page

जंगली बने सीमा सुरक्षा बल के ब्रांड एम्बेसेडर

अपनी जिद और परिश्रम के बल पर बंजर धरती को हरे-भरे जंगल में बदलें वाले और अब एक पर्यावरणविद के रूप में विख्यात हो चुके जगत सिंह चौधरी उर्फ़ जंगली को सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने अपना पर्यावरण ब्रांड एम्बेसेडर नियुक्त किया है.

ध्यान रहे कि श्री चौधरी ने स्वयं 1968 में बीएसएफ में एक साधारण सिपाही के रूप में नौकरी शुरू की थी. 1980 में अपने रिटायरमेंट से पहले ही उन्होंने उत्तराखण्ड के गढ़वाल क्षेत्र के रुद्रप्रयाग जिले के अपने पैतृक गाँव कोटमल्ला में बंजर पड़े ज़मीन के टुकड़े के रूपांतरण का कार्य अकेले शुरू कर दिया था. जंगल उगाने की हठ को देखकर आसपास के ग्रामीणों ने उन्हें जंगली के नाम से पुकारना शुरू कर दिया.

बीएसएफ मुख्यालय में अपने सम्मान से अभिभूत चौधरी जी ने अपने संघर्ष की दास्तान सुनाई और सीमा सुरक्षा बल के डायरेक्टर जनरल के. के. शर्मा का आभार जताया.

जंगली जी को हमारा सलाम!

जंगली जी पर एक लंबा आलेख हम पहले भी छाप चुके हैं. समय की आवश्यकता है कि उसे दुबारा से पढ़ा जाय – एक मिसाल है जंगली का जंगल

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Kafal Tree

Recent Posts

बजट में युवाओं के लिए योजना का ढोल है पर उसकी गमक गुम है

उत्तराखंड के आय व्यय लेखे 2026-27 को समझते हुए यह आशंका उभरती है की क्या…

3 weeks ago

जापान में आज भी इस्तेमाल होती है यह प्राचीन भारतीय लिपि

भाषाओं का इतिहास हमेशा रोचक रहा है. दुनिया की कई भाषाओं में ऐसे शब्द मिलते…

3 weeks ago

आज है उत्तराखंड का लोकपर्व ‘फूलदेई’

उत्तराखंड को केवल 'देवभूमि' ही नहीं, बल्कि उत्सवों की भूमि कहना भी बिल्कुल सटीक होगा. यहाँ साल भर…

3 weeks ago

द्वी दिना का ड्यार शेरुवा यौ दुनीं में : अलविदा, दीवान दा

‘यौ डाना कौ पारा, देख्यूंछ न्यारा-न्यारा’ दीवान सिंह कनवाल की आवाज़ में ये गीत पहली कुमाऊनी फ़िल्म…

3 weeks ago

हिमालय को समझे बिना उसे शासित नहीं किया जा सकता

कुमाऊं-गढ़वाल हिमालयी क्षेत्र के लिए भिन्न प्रशासन, विशेष नीति या मैदानी भागों से भिन्न व्यवस्था…

4 weeks ago

पहाड़ों का एक सच्चा मित्र चला गया

बीते दिन सुबह लगभग चार बजे एक ऐसी खबर आई जिसने कौसानी और लक्ष्मी आश्रम…

4 weeks ago