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जानिये पहाड़ के सबसे वफ़ादार और बहादुर कुत्ते की नस्ल

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आज जानिये पहाड़ के एक वफ़ादार और बहादुर कुत्ते की नस्ल के विषय में. ऐसा कुत्ता जिसकी बहादुरी किस्से पहाड़ों में खूब कहे जाते हैं. पहाड़ के इस कुत्ते की बहादुरी के किस्सों में बाघ जैसे ताकतवर जानवर के दुम दबाकर भाग जाने की बात बेहद आम है.  
(International Dog Day 2023)

हिमालयी क्षेत्रों में पाई जाने वाली कुत्ते की इस नस्ल का नाम है हिमालयन शीपडॉग. हिमालयन शीपडॉग जिसे आम बोलचाल की भाषा में भोटिया कुकुर भी कहा जाता है. ये कुत्ते विख्यात तिब्बती नस्ल तिबेतन मास्टिफ़ की ही उप-नस्ल माने जाते हैं. इन्हें लम्बे बालों वाले किन्नौर शीपडॉग का संबंधी भी बताया जाता है.

हिमालयन शीपडॉग पर्वतीय ऊंचाइयों पर अपने रेवड़ के साथ समय बिताने वाले चरवाहों के सबसे प्रिय पहरेदार बना हुआ है. वह हिमालय के चरवाहों के सबसे वफ़ादार साथी हैं. अपनी चुस्ती और फुर्ती के लिये जाना जाने वाला हिमालय शीपडॉग आज भी चरवाहों के जानवरों की पहरेदारी करता दिख जायेगा.
(International Dog Day 2023)

हिमालयन शीपडॉग की आक्रामकता और उसकी चुस्ती-फुर्ती के कारण इसे कई जगहों पर शिकारी कुत्ते की तरह भी पाला जाता है. पिथौरागढ़ जिले की दारमा-व्यांस घाटियों में अनेक पीढ़ियों से चरवाहे का काम कर रहे कुंदन सिंह भण्डारी बतलाते हैं कि दो या तीन कुत्ते मिलकर न केवल हज़ार-आठ सौ भेड़-बकरियों की चौकस पहरेदारी कर सकते हैं, विषम और विपरीत परिस्थिति आ जाने पर ये इतने खूंखार हो जाते हैं कि पहाड़ी बाघ का शिकार तक कर सकते हैं.  

अपने स्वामी और उसके रेवड़ के प्रति वफादारी इस नस्ल की एक और विशिष्टता है. उनके इस गुण की दिलचस्प कहानियां सुननी हों तो आपको उच्च हिमालयी क्षेत्रों की ट्रेकिंग पर जाना होगा जहां गर्मियां बिताने वाले घुमंतू चरवाहे आपको अपने शिविर गाड़े हुए मिल जाएंगे. कुंदन सिंह भण्डारी कहते हैं कि उनके परिवार में ये कुत्ते कई पीढ़ियों से रह रहे हैं और घर के सदस्यों जैसे होते हैं.
(International Dog Day 2023)

हिमालयन शीपडॉग से जुड़ा वीडियो देखिए –

–काफल ट्री फाउंडेशन

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