हैडलाइन्स

धारचूला विधायक हरीश धामी ने फिर पेश की नज़ीर

धारचूला से विधायक हरीश धामी अपनी कार्यशैली को लेकर हमेशा खबरों में रहते हैं. कोविड महामारी के इस दौर में एकबार फिर वह ख़बरों में हैं. विधायक हरीश धामी ने विधायक निधि से 2 करोड़ की धनराशि कोविड के दौरान सहायता के लिये दी है. 90 लाख धारचूला और मुनस्यारी में आक्सीजन प्लांट, 40 लाख मुनस्यारी-धारचूला की सभी  ग्राम सभाओं के लिये मेडिकल किट पर खर्च किये जाने हैं.
(Harish Dhami)

विधायक निधि के अतिरिक्त विधायक हरीश धामी ने मदकोट स्थित अपने दोनों होटल प्रशासन को सौंप दिये हैं. इन होटलों में एक में कोविड के मरीजों के रहने की व्यवस्था होनी है वहीं दूसरे में डॉक्टरों के रहने की व्यवस्था की गयी है. शासन जल्द ही व्यवस्था कर दोनों में कार्य शुरु करने वाला है. उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर पोस्ट कर लिखा कि

प्रिय जनता

        विधायक निधि में जो पैसा आया है (दो करोड़) मैं चाहता हूं कि वो सारा पैसा जनता के अच्छे स्वास्थ्य के ऊपर ही ख़र्च किया जाय जिसके अंतर्गत धारचूला विधानसभा की जनता को यही सारी सुविधा प्राप्त हो सके और उन्हें महामारी के इस दौर में कोविड जैसी भयंकर बीमारी के इलाज के लिए कही भटकना न पड़े. जिसमें निम्न चीज़ें आएँगी.

1-धारचूला, मुनस्यारी के अंतर्गत मिनी आक्सीजन प्लांट.
2-हॉस्पिटलो में कोविड बेड की सुविधा.
3-विधानसभा के हर घर तक कोविड मेडिकल किट.
4-हर गाँव के लिए आँक्सीमीटर, मास्क और सेनेटाइजर की व्यवस्था.

मैं चाहता हूं कि धारचूला, मुनस्यारी की समस्त जनता अपनी अपनी राय दे. अपना परामर्श दे क्यूँकि ये आपका हीं पैसा हैं और आपके लिए ही हैं और मेरी पहली प्राथमिकता मेरी विधानसभा की जनता हैं. कोविड की इस लड़ाई मैं जनता के साथ मिलकर लड़ना चाहता हूं. भले ही सुख में शामिल नहीं हो सकूं लेकिन तकलीफ़ की इस घड़ी मैं धारचूला विधानसभा की जनता को अकेले नहीं छोड़ूँगा. मेरा आपसे वादा है. कृपया अपना सुझाव ज़रूर दे साथ ही और लोगों को भी सुझाव देने के लिए प्रेरित करे.
(Harish Dhami)

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Kafal Tree

Recent Posts

जब तक सरकार मानती रहेगी कि ‘पलायन’ विकास की कीमत है, पहाड़ खाली ही होते रहेंगे

पिछली कड़ी  : उत्तराखंड विकास नीतियों का असमंजस उत्तराखंड में पलायन मात्र रोजगार का ही संकट…

5 days ago

एक रोटी, तीन मुसाफ़िर : लोभ से सीख तक की लोक कथा

पुराने समय की बात है. हिमालय की तराइयों और पहाड़ी रास्तों से होकर जाने वाले…

5 days ago

तिब्बती समाज की बहुपतित्व परंपरा: एक ऐतिहासिक और सामाजिक विवेचन

तिब्बत और उससे जुड़े पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों का समाज लंबे समय तक भौगोलिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक…

5 days ago

इतिहास, आस्था और सांस्कृतिक स्मृति के मौन संरक्षक

हिमालय की गोद में बसे उत्तराखंड के गांवों और कस्बों में जब कोई आगंतुक किसी…

5 days ago

नाम ही नहीं ‘मिडिल नेम’ में भी बहुत कुछ रखा है !

नाम को तोड़-मरोड़ कर बोलना प्रत्येक लोकसंस्कृति की खूबी रही है. राम या रमेश को रमुवा, हरीश…

5 days ago

खेती की जमीन पर निर्माण की अनुमति : क्या होंगे परिणाम?

उत्तराखंड सरकार ने कृषि भूमि पर निर्माण व भूमि उपयोग संबंधित पूर्ववर्ती नीति में फेरबदल…

7 days ago