Featured

उत्तरकाशी में बादल फटने से भीषण तबाही कई लापता

उत्तराखंड के गढ़वाल में उत्तरकाशी जिले से आज बादल फटने के कारण जान-माल के तबाह होने की खबरें सामने आ रही हैं. हिमाचल से लगी गढ़वाल सीमा के पास भारी बारिश के बीच कई लोग लापता बताये जा रहे हैं. स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार इस इलाके में बादल फटने के कारण हुई मूसलाधार बारिश में कई लोग बह गए हैं.

प्रशासन ने बारिश से कई घरों के तबाह हो जाने और डेढ़ साल की एक बच्ची समेत कुल 3 लोगों के लापता होने की सूचना दी है. लापता लोगों का यह आंकड़ा और ज्यादा भी हो सकता है.  

उत्तरकाशी जिले की मोरी तहसील, आराकोट, टिकोची समेत कई अन्य इलाकों में बादल फटने से हुई तबाही में कई घर टोंस नदी की बाढ़ में बह गए. माकुड़ी, आराकोट, टिकोची और दुचानू में कई गाँवों पर खतरा बढ़ गया है. इन सभी जगहों से लोगों को हटाकर सुरक्षित जगहों पर भेजा जा रहा है. त्यूनी बाजार पर मंडराते खतरे को देखते हुए पूरा बाजार खाली करा लिया गया है, यही हाल आराकोट का भी है. कई प्रशासनिक अधिकारियों हालातों की समीक्षा में जुटे हुए हैं. कई इलाकों में एसडीआरएफ, आईटीबीपी और रेड क्रॉस की टीमों को रेस्क्यू के लिए भेजा गया है. इस इलाके की सभी सडकें बंद होने से प्रशासन और रेस्क्यू टीमों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Sudhir Kumar

Recent Posts

कुमाऊँ की विलुप्त होती जन्माष्टमी पट्ट-चित्र परम्परा

कुमाऊँ में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी केवल भगवान कृष्ण के जन्म का धार्मिक पर्व नहीं रही है,…

1 week ago

बद्रीदत्त पांडे और इंद्र सिंह नयाल ने रखा था ‘उत्तराखंड राज्य की संकल्पना’ का वैचारिक आधार

पिछली कड़ी : पहले समाज बदलो, राज्य अपने आप सार्थक हो जाएगा : इंद्र सिंह नयाल इन्द्र…

2 weeks ago

आकर्षक कलेवर में आंचलिक परिवेश की किताब “टुकड़ा-टुकड़ा जिंदगी”

पूरी तरह आंचलिक परिवेश में तैयार, "टुकड़ा टुकड़ा जिंदगी" वरिष्ठ इतिहासकार डॉ निर्मल जोशी की नव प्रकाशित…

2 weeks ago

भूख न तीस न डर न फिकर छ्, मुट्ट बोटीं छन कसीं कमर छ्

ये सितंबर 1994 की सुबह थी जब खटीमा में पूर्व सैनिकों का जुलूस निकल रहा था. पूर्व…

2 weeks ago

उत्तराखण्ड के सरोवर

उत्तराखण्ड को सामान्यतः हिमालय, नदियों, झरनों और जलधाराओं की भूमि के रूप में जाना जाता है. किंतु…

2 weeks ago

दौड़ता अल्मोड़ा : फ़ोटो निबंध

पिछले 3 सालों से अल्मोड़ा के कुछ जागरूक युवा अल्मोड़ा मानसून मैराथन का आयोजन कर रहे हैं,जिसमें…

2 weeks ago