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प्रेमचंद की कहानी ‘मंदिर और मस्जिद’

चौधरी इतरतअली ‘कड़े’ के बड़े जागीरदार थे. उनके बुजुर्गों ने शाही जमाने में अंग्रेजी सरकार की बड़ी-बड़ी खिदमत की थीं.…

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गले में पाटी लटकाकर स्कूल जाने की याद

लोग अपने कालेज के दिन याद करते हैं. जवानी के दिनों पर चर्चा करते हैं पर मुझे लगता है पहाड़ी…

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उद्यमशीलता के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण नाम है तुलसी देवी

उद्यमशीलता के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण नाम है तुलसीदेवी का. पिथौरागढ़ के नौलेरा गाँव में 1919 में भोटिया व्यापारी सीमासिंह…

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उत्तराखण्ड के प्राचीन प्रधान मन्दिरों पर कैंत्युरी शिखर मिलता है

मन्दिरों पर शिखर बनाने की प्रथा गुप्तकाल में आरम्भ हो गई थी. कत्युरी काल के छोटे मन्दिरों पर नागर शिखर…

4 years ago

च्यूरे का एक ही पेड़ घी, शहद और गुड़ का इंतजाम कर सकता है

पहाड़ों को प्रकृति ने अनमोल चीजों से सजाया है. पहाड़ों में एक ही वृक्ष में न जाने रोजमर्रा की जरूरतों…

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केदारनाथ पर महत्त्वपूर्ण लेख

मन्दाकिनी नदी के स्त्रोत प्रदेश में भारतखण्ड शिखर के पदतल में 11753 फीट की ऊंचाई पर अत्यन्त भव्य दृश्यावली के…

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गुन्दरू आज भी घर की देली पर खड़ा है : लोककथा

एक बार गाँव के थोकदार जी ने अपने शहर जाते चौदह साल के बच्चे गुन्दरू को वापस  आते समय अच्छा…

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गुरूजी और जोंक

बीसवीं शताब्दी के पहले साल में अपर गढ़वाल में आधुनिक शिक्षा की अलख जगाने वाले इसी ख्याति प्राप्त विद्यालय में…

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बुद्ध ने आनंद को वेश्या के पास क्यों जाने दिया

बुद्ध की शरण में दीक्षा ले रहे भिक्षुओं को कई नियमों का पालन करना पड़ता था. वे किसी के भी…

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छिपलाकोट अंतरकथा : जिंदगानी के सफर में, हम भी तेरे हमसफ़र हैं

चीना रेंज में घने जंगल के बीच में रांची बिल्कुल सुनसान जगह में था जहां फारेस्ट क्वाटर थे. हमारा घर…

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