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कका-काखी वाली मिठास अंकल-आंटी में नहीं आ सकती

भाषा एक ऐसा माध्‍यम है जिसके द्वारा हम किसी व्‍यक्ति के बारे में जान सकते हैं, उसे समझ सकते हैं,…

6 years ago

देवीधुरा का पान और नेता बहादुर – सच्ची घटना पर आधारित उमेश तिवारी ‘विश्वास’ की कहानी

वो मरने ही आया था यहाँ. देवीधुरा पहाड़ की चोटी पर बना ग्राम देवता का वह मंदिर अब खंडहर में…

6 years ago

मूसा सौन और पंचू ठग की कुमाऊनी लोककथा

बहुत समय पहले बमौरा नाम का एक गाँव था जहाँ के निवासी बहुत संपन्न थे. उस गाँव के पड़ोस में…

6 years ago

ईजा की बाटुली : हिचकी से अधिक आत्मीय याद

बढ़ती उम्र के साथ पहाड़ में अकेले न रह पाने की विवशता के कारण गोविंदी हल्द्वानी आकर मकानों के जंगल…

6 years ago

प्रवासी पहाड़ी की “ओ दिगौ लाली”

मैंने कल  लगभग सौ सवा सौ कुमाउँनियों को एक मैसेज किया कि सामान्यतः हम 'ओ दिगौ लाली' कब बोलते हैं? …

6 years ago

उत्तराखण्ड के एक लोक शिल्पी का जीवन

ग्राम नुवाली पोस्ट चैनपुर, जिला पिथौरागढ के रहने वाले फुन राम इस समय 80 साल के है. फुन राम बचपन…

6 years ago

गीत-लोकगीत की सीमारेखा मिटाने वाला गीत : घुघूती घुरूण लगी म्यारा मैत की

डिप्लोमा इंजीनियरिंग के उस लड़के का सुनाया किस्सा मैं कभी नहीं भूल सकता. भूलने वाली बात है भी नहीं. रैगिंग…

6 years ago

अल्मोड़ा आने के बाद यहीं के होकर रहे विख्यात वैज्ञानिक बोसी सेन और उनकी अमेरिकी पत्नी गर्ट्रूड एमर्सन

भारत ने हरित क्रान्ति के अग्रदूतों में गिने जाने वाले बसीश्वर सेन साल 1920 में अल्मोड़ा आकर बस गए थे.…

6 years ago

लछुली की ईजा – भुवन चन्द्र पन्त की कहानी

प्रायः सुनसान सा रहने वाला लछुली की ईजा का घर-आंगन, आज एकाएक गांव के लोगों से खचाखच भरा था. यह…

6 years ago

अल्मोड़े के उस फूलों वाले पेड़ से जुड़ी हैं हम-आप जैसों की कितनी ही स्मृतियाँ

2006 का साल था. हमने उत्तराखंड के सबसे बेहतरीन उच्च शिक्षा परिसरों में गिने जाने वाले कुमाऊँ यूनिवर्सिटी के सोबन…

6 years ago