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गढ़वाली गीत-संगीत-रंगकर्म का आदिपुरुष : जीत सिंह नेगी

साल 2014 में मैं जब जीत सिंह नेगीजी से पहली बार रूबरू मिला था तो सोचा था कि वापसी में…

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कुमाऊनी लोककथा- जानवरों और पक्षियों की बोली समझने वाली ब्वारी की हत्या

बड़ी पुरानी कथा है. एक गाँव में एक लड़के को उसके बाप ने बड़े ही लाड़ से पाला. मां के…

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गढ़वाली लोकगीत के पितामह जीत सिंह नेगी का निधन

1950 के दशक में एक खुदेड़ दिल्ली बंबई रहने वाले उत्तराखंड के प्रवासियों के बीच खूब लोकप्रिय हुआ, उसके बोल…

6 years ago

जिंदगी से बिना शर्त प्यार करो

किसी का भी आत्महत्या करना हमें बहुत दुखी कर जाता है, क्योंकि हम जानते हैं कि किसी ने कैसी भी…

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पहाड़ में जंगल-जंगल मिलते कंद मूल फल

जी हाँ, पहाड़ के जंगल में ही उगता है काफल. जिसका रसासस्वादन अपने किया और पसंद तो किया ही. फिर…

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53 साल पहले बादल फटने की घटना का आँखों देखा हाल

बरसात के मौसम के शुरू होते ही पहाड़ी प्रदेशों में बादल फटने की घटनाओं की खबर समाचार पत्रों, रेडियो, दूरदर्शन…

6 years ago

साल के सबसे लम्बे दिन में होने वाला सूर्यग्रहण और उससे जुड़ी भ्रांतियां

सूर्य ऊर्जा और प्रकाश का एक विशालकाय स्रोत है और धरती पर हमारे अस्तित्व को सहजे हुए हैं. खगोलीय घटनाएं…

6 years ago

पहाड़ की प्यारी घुघुती के बारे में सब कुछ जानिये

कोरोना काल के इसी सन्नाटे में उस दिन दो फाख्ते भी मिलने चले आए. जब भी फाख्तो को देखता हूं,…

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कुमाऊनी सभ्यता, संस्कृति और संस्कारों की त्रिवेणी

आमा के हिस्से का पुरुषार्थ -2 कुमाऊनी में एक मुहावरा बड़ा ही प्रचलित है ‘बुढ़ मर भाग सर’ यानि कि…

6 years ago

शहर की परिधि से दूर अपनी जड़ों को लौटते पहाड़ी प्रवासी

जून का पहला हफ्ता कुछ गर्म थपेड़ों वाला लेकिन मानसून की आश में झूमता हुआ मानसून पूर्व बारिशों में भीग…

6 years ago