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शक्करपारे: दो बच्चों के झगड़े पर मनोहर श्याम जोशी की मीठी कहानी

रोज की तरह, सात साल का गुट्टू मुन्ना अपनी हमउम्र पड़ोसिन चुनमुन के पास खेलने पहुँचा. चुनमुन उसे अपने मकान…

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ठेठ गढ़वाल के जीवन से जुड़ी चीज़ों को समझने के लिए एक तरह का रोचक शब्दकोश है ‘काऽरी तु कब्बि ना हाऽरि’

बचपन में नए साल के ग्रीटिंग कार्ड बनाने के दौरान एक युक्ति सीखी थी. रंग में डुबाया हुआ धागा लेकर…

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हम जैसा सोचते हैं, वैसे ही बन जाते हैं

हम जीवन में वही बनते हैं, जो अपने बारे में सोचते हैं. हमारी जीवन में वैसी ही घटनाएं घटती हैं,…

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भवाली का ताजमहल कहे जाने वाले लल्ली मंदिर का इतिहास

बचपन से भवाली के ताजमहल के नाम से जाने जाने वाली राजपुताना राजघराने की एक धारोहर के बारे में जानने…

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दुर्गा भवन स्मृतियों से

जब हम किसी से दूर हों रहे होते हैं, तब हम उसकी कीमत समझने लगते हैं. कुछ ऐसा ही हो…

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काऽरी तु कब्बि ना हाऽरि : एक कर्मयोगी शिक्षक की जीवनकथा

पिता ने पुत्र की नियति का निर्धारण करते हुए उसको पैतृक पंडिताई की जागीर सौंप दी थी. पिछली सदी के…

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लेखक ललित मोहन रयाल से उनके साहित्यिक सफर पर बातचीत

ललित मोहन रयाल ने हिंदी साहित्यिक जगत में अपनी पूर्व प्रकाशित दो पुस्तकों 'खड़कमाफी की स्मृतियों से' तथा 'अथ श्री…

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सुनहरे गणतंत्र में उत्तराखंड के लोग

हमसे तो कभी गणतंत्र भी साफ़ साफ़ न कहा गया. हमारे लिये हमेशा आज का दिन 26 जनवरी हुआ. स्कूल…

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अल्मोड़े के अष्टावक्र हरीश चंद्र जोशी

उन्हें पहाड़ बहुत प्यारे थे. अल्मोड़े में तो उनकी जान बसती थी. यहीं अल्मोड़ा रह उन्होंने पहाड़ की सांस्कृतिक चेतना…

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पेट को फ्लैट और फौलादी बनाने के तरीके

पिछले सप्ताह हमने पांच आसन जाने थे जिनका नियमित अभ्यास हमारे पेटा को फ्लैट और फौलादा बना सकता है. उसी…

5 years ago