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औली: हमारा अपना स्विटजरलैंड

चारों तरफ सफेद बर्फ की चादर से ढँकी पर्वत श्रृंखलाएँ. रोपवे पर लगातार आती-जाती ट्रॉलियाँ. पहाड़ों के बीच बर्फ से…

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लोक वाद्य बनाने और बजाने का प्रशिक्षण देने वाली कार्यशाला

भाव राग ताल नाट्य अकादमी पिथौरागढ एवं ओएनजीसी देहरादून के सहयोग से विलुप्त होते जा रहे लोकपर्व जैसे साँतु-आँठू और…

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मनुभाई और उनका मनसुख

पूरब के कुछ इलाकों में दुश्मन के नाम का कुत्ता पालने का रिवाज रहा लेकिन कुत्ता पालने का असली मकसद…

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आज से एक महीने तक घी से ढका रहेगा जागेश्वर ज्योतिर्लिंग

आज मकर संक्रांति के दिन जागेश्वर धाम में ज्योतिर्लिंग को घी से ढकने के परम्परा पूरी की गयी. प्रत्येक वर्ष…

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आज के दिन सौ साल पहले बागेश्वर की फ़िजा गर्म थी

सौ बरस पहले 14 जनवरी की सुबह बागेश्वर की फ़िजा में अलग गर्मी थी. आज सरयू कल-कल के बजाय दम्मू…

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उत्तरायणी में कौवों को खिलाने की परंपरा के बारे एक लोक कथा

उत्तरायणी में कौवो को खिलाने की परंपरा के बारे में कई जनश्रुतियां एवं लोककथाएँ प्रचलित हैं. इनमें से एक लोक…

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जै जिया के जयकारे से गूंजा रानीबाग

मकर संक्राति की सुबह कड़-कड़ाती ठंड में स्नान के साथ समाप्त होता जियारानी का मेला. इससे पिछली रात रानीबाग़ में…

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आज पारम्परिक पकवानों की सुंगध बिखरेगी हर पहाड़ी परिवार में

घुघुतिया पहाड़ियों का सबसे प्रिय त्यौहार है. बिरला ही ऐसा कोई होगा जिसके भीतर घुघितिया की भीनी याद न होगी.…

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उतरैणी के बहाने बचपन की यादें

असौज का सारा कारोबार समेटकर जाड़ों में जब सारे काम निबट जाते तो हमारी बुब (बुआ) कुछ समय के लिए…

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अल्मोड़ा की आत्मा आज भी प्रकाशमान है – पत्रकार दीप जोशी को श्रद्धांजलि

बीती रात दीप जोशी नहीं रहे. अल्मोड़ा नगर की पत्रकारिता के पर्याय माने जाने वाले दीप लम्बे समय से 'अमर…

5 years ago