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ठुलदा की कहानी

आखिर गुजर गए 32, बड़ा बाज़ार, मल्लीताल के हमारे ठुलदा वर्ष 2013 में एक महत्त्वाकांक्षी योजना के रूप में मैंने…

5 years ago

हरेले की पूर्व संध्या पर आज दिन ढलते की जाएगी डिकारे की पूजा

हरेले से एक दिन पहले कुमाऊँ अंचल में डिकारे पूजे जाते हैं. कुछ लोग पहले ही डिकारे तैयार कर लेते…

5 years ago

प्रिय अभिषेक की ‘लग्गू कथा’

“आप भी लिखते हो?” बाबूजी ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए मुझसे कहा, जब मैंने उनको बताया कि मैं लिखता हूँ.…

5 years ago

हरेला लोकपर्व का पर्यावरण से संबंध

आज पूरा विश्व जलवायु परिवर्तन एवं पर्यावरण सबंधित समस्याओं से जूझ रहा है. प्रकृति के संतुलन को बनाए रखना मानव…

5 years ago

कहानी – पहाड़ की याद

जून के महीने की भरी दोपहरी. इतना भरा पूरा गांव आराम की मुद्रा में था. इसलिए चारों ओर खामोशी सी…

5 years ago

यशपाल शर्मा को श्रद्धांजलि

9 जून 1983 को भारत ने वर्ल्ड कप क्रिकेट का पहला मैच वेस्ट इंडीज के साथ खेला. इसके ठीक पहले…

5 years ago

मेहनतकश पहाड़ियों के घट

मिट्टी-पत्थर-पेड़-घास-पानी-धारा-गूल से लिपटा पहाड़. तलाऊँ और उपराऊँ के सीढ़ीदार खेत. सेरे भी जहां साल में दो बार अन्न उगता. ऊँची…

5 years ago

उत्तराखंड की वादियों में द्रोपदी के गजरे में सजने वाला फूल

औषधीय, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा द्रोपदीमाला फूल उत्तराखंड में खिलने लगा है. महाभारत में द्रोपदी के गजरे पर…

5 years ago

कहां है वह सुकून, जिसकी तलाश में भटकते हैं हम

क्या आपने इस ओर ध्यान दिया कि किस तरह होश संभालने के बाद से आप मुसलसल भाग रहे हैं. कुछ…

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बेरीनाग की बेमिसाल चाय

बेरीनाग की चाय किसी दौर में इंग्लैंड के चाय शौकीनों की पसंदीदा चाय थी इस कारण उसकी अत्यधिक मांग बनी…

5 years ago