आज समझ में आ रहा है कि आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी ने इतिहास को विधाता क्यों कहा होगा? हमारा यह विधाता…
पिछले वर्ष आज ही के दिन हिमालय पुत्र प्रो. खड्ग सिंह वल्दिया निधन हुआ था. प्रो. खड्ग सिंह वल्दिया का…
आज मैं आपको पहाड़ के खानपान के बारे में बताता हूं. पहले मैं आपको यह बताता चलूं कि मैं पहाड़ी…
उत्तराखंड के कुमाऊं, गढ़वाल में बहुत से गाँव और ऐसी जगहें हैं जिनके पीछे “कोट” शब्द आता है. जिन गाँव…
उत्तराखंड राज्य का निर्माण के साथ पर्यटन नाम का एक ढोल इसके साथ जुड़ गया. 21 सालों से इस ढोल…
कोरोना महामारी के दौर में सबकी जुबान पर एक शब्द खूब चढ़ा- इम्युनिटि. लगभग एक फैशन की तरह सबने कहा…
नदी की उंगलियों के निशान हमारी पीठ पर थे. हमारे पीछे दौड़ रहा मगरमच्छ जबड़ा खोले निगलने को आतुर! बेतहाशा…
चटोरी न्यूज़ पर आज सभी पार्टियों की महिला नेता उपस्थित थीं. बहस राजनैतिक थी और सार्वजनिक भी. न्यूज़ चैनल की…
पहली नजर में मैंने उसे पहचाना ही नहीं, पहचानती भी कैसे उसकी तब्दीली की तो सपने में भी कल्पना नहीं…
वह प्रकृति के बीच रहते हैं. जल और जंगल की ये जमीन ही उनकी पालनहार है. इसके हर पत्ते, हर…