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मनोहर श्याम जोशी के उपन्यास ‘क्याप’ से मूली फसल

बाहर वालों को हमारी उस किस्म की गप्पें भी पसंद आयीं, जिनमें हम ऐसा जताते थे मानों गिनीज बुक आफ…

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खट्टी चटनी जैसी माँ

खट्टी चटनी जैसी माँ बेसन की सोंधी रोटी परखट्टी चटनी जैसी माँ याद आती है चौका-बासनचिमटा फुकनी जैसी माँ बाँस…

4 years ago

क़ीमती सलाह : कुमाऊनी लोककथा

एक अमीर आदमी के दो बेटे थे, जब वे बड़े हुए तब उसने दोनों को अपना व्यापार शुरू करने के…

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खोल दो: सआदत हसन मंटो की कहानी

अमृतसर से स्पेशल ट्रेन दोपहर दो बजे चली और आठ घंटों के बाद मुगलपुरा पहुंची. रास्ते में कई आदमी मारे…

4 years ago

अद्भुत है शैलेश मटियानी की कहानी ‘दो दुखों का एक सुख’

'साधो, करमगती किन टारी...' - मिरदुला कानी, सीढ़ी के पथरौटे पर बैठी, मंजीरा कुटफुटा रही थी - 'कोस अनेक बिकट…

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बुर्क़े : सआदत हसन मंटो की कहानी

ज़हीर जब थर्ड ईयर में दाख़िल हुआ तो उस ने महसूस किया कि उसे इश्क़ हो गया है... और इश्क़…

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शराब, शिकार और नोट वाला वोट मैनेजमेंट

कहते हैं चुनावों के समय आखिरी समय जिसका मैनेजमेंट सबसे अच्छा होता है वही जीतता है. भारतीय चुनाव में ‘मैनेजमेंट’…

4 years ago

विकास का असमंजस, हरियाली की फिक्र

हरियाली को बनाए-बचाने की चिंता और साफ हवा में सांस लेने लायक का वायु मण्डल बनाने की कोशिश के संकेत…

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इस कहानी से सीखो सबक जिंदगी का

https://www.youtube.com/embed/aX65BrY2e3k एक हिंदी फिल्म का गाना है – खुद के लिए जिए तो क्या जिए, तू जी ए दिल जमाने…

4 years ago

इस बार वह अकेला ही वोट देने आएगा

अगर 1200 वोटर पर एक बूथ वाला नियम नहीं होता तो उस बूथ पर वह अकेला वोटर होता. सरकार तो…

4 years ago