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कुमाऊं में शोक व्यक्त करने के तरीके

हर समाज में किसी प्रियजन की मौत पर शोक व्यक्त करने के अपने तरीके हैं. इसी तरह कुमाऊं में इसके…

4 years ago

पहाड़ों में बसंत पंचमी से जुड़ी परम्परायें

बंसत पंचमी का दिन उत्तराखंड में सबसे पवित्र दिनों में एक माना जाता है. स्थानीय भाषा में इसे सिर पंचमी…

4 years ago

उत्तराखंड के लिए कई मायनों में खास है लोकपर्व बसंत पंचमी

उत्तराखंडी समाज में बसंत पंचमी का महत्व उसी तरह है जिस तरह मकरैणी यानी मकर संक्रांति का. पंचमी पर स्नान…

4 years ago

उनचास फसकों की किताब ‘बब्बन कार्बोनेट’

बब्बन कार्बोनेट: द हो, अशोक पाण्डे की क्वीड़ पथाई के क्या कहते हो! पहाड़ की मौखिक कथा परम्परा में ‘क्वीड़’…

4 years ago

उत्तराखंड की राजनीति में शराब

अभी दो दशक पहले तक की बात है उत्तराखंड के गावों में शराब पीने और बेचने वालों को महिला मंगल…

4 years ago

मार्कण्डेय की कहानी ‘गरीबों की बस्ती’

यह है कलकत्ता का बहूबाज़ार, जिसके एक ओर सरकारी अफ़सरों तथा महाजनों के विशाल भवन हैं और दूसरी ओर पीछे…

4 years ago

दो बेतालों के बेटे-बेटियों की रहस्यमयी शादी का किस्सा

आज से कोई 40-45 साल पहले एक रहस्यमय घटना अखबारों की भी सुर्खियां बनी थी कि बेतालघाट के बेताल नकुवा…

4 years ago

‘चाकरी चतुरंग’ की समीक्षा

बहुत सारे मुखौटे हैँ एक दूसरे से अलग -थलग. सबकी सोच भी जुदा-जुदा सी. इनके पीछे छिपे चेहरे व्यवस्था की…

4 years ago

महात्मा गाँधी को चिट्ठी पहुँचे : परसाई

यह चिट्ठी महात्मा मोहनदास करमचंद गाँधी को पहुंचे. महात्माजी, मैं न संसद-सदस्य हूँ, न विधायक, न मंत्री, न नेता. इनमें…

4 years ago

रायसीना हिल्स की ठंडी शाम में जब ‘छाना बिलौरी’ की धुन बजी

https://www.youtube.com/embed/FQ-fjqZwYhA बीती शाम उत्तराखंड के लोकगीत ‘छाना बिलौरी’ की धुन पर पूरा देश एक साथ झूमा. मौका था बीटिंग रिट्रीट…

4 years ago