हिमालयी क्षेत्रों में वर्षों से वनाग्नि की घटनाएं होती रही हैं और इन वनाग्नियों के पीछे कुछ प्राकृतिक और अनेक…
पिछली कड़ी यहां पढ़ें: छिपलाकोट अंतर्यात्रा : आया है मुझे फिर याद वो ज़ालिम छिपलाकोट तक पहुँचने के तीन मुख्य…
उत्तराखण्ड में इन दिनों एक गीत ने धूम मचा रखी है. इस गीत के प्रति दीवानगी न सिर्फ़ हिमाचल तक…
उत्तराखण्ड के गढ़वाल मंडल में रुद्रप्रयाग जिले में भगवान शिव का पौराणिक मंदिर केदारनाथ है. द्वादश ज्योतिर्लिंगों में केदारनाथ को…
दर्शक दीर्घा से खचाखच भरा नई दिल्ली का केदारनाथ ऑडिटोरियम तालियों की गड़गड़ाहट से गॅूज उठा जब उत्तराखण्ड की लोकगायिका…
द्वाराहाट कुमाऊं के सबसे पुराने नगरों में गिना जाता है. द्वाराहाट की भव्यता के चर्चे पूरे कुमाऊं-गढ़वाल में बरसों से…
पिछले कई वर्षों से, लगभग प्रत्येक मंगलवार को, वह हनुमान मन्दिर आता रहा है. अपनी सम्पूर्णता में सिन्दूर-तेल से सनी…
अल्मोड़ा में अंग्रेज टैक्सी से आया या घोड़े पर, यह तो काल-यात्रा से ही पता लगेगा लेकिन उसका यहां तक…
कभी-कभी, जब, में पेट की भाषाओं के दबाव तले दम तोड़ती भाषाओं के बारे में चिन्तन करता हूँ तो मुझे…
अपनी किताब मैन-ईटर्स ऑफ़ कुमाऊँ की पहली कहानी में चम्पावत के डाक बंगले में गुजारी अपनी पहली रात के बारे…