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दूध का दाम : प्रेमचन्द

अब बड़े-बड़े शहरों में दाइयाँ, नर्सें और लेडी डाक्टर, सभी पैदा हो गयी हैं; लेकिन देहातों में जच्चेखानों पर अभी…

4 years ago

लोक कथा : दयामय की दया

किसी समय एक मनुष्य ऐसा पापी था कि अपने 70 वर्ष के जीवन में उसने एक भी अच्छा काम नहीं…

4 years ago

1992 में हटाये गए अतिक्रमणों को लम्बे समय तक याद रखा हल्द्वानी शहर ने

अतिक्रमण और उन्हें हटाए जाने की सरकारी प्रक्रिया एक आम बात है किन्तु हल्द्वानी शहर 1992 में हटाये गए अतिक्रमणों…

4 years ago

पहाड़ियों के प्यारे काफल के सेहतमंद फायदे

काफल का तो नाम सुनते ही हर पहाड़ी यादों के गहरे समुद्र में खो जाता है. हर पहाड़ी के पास…

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बद्री क्षेत्र में निवास करते हैं पंच बद्री

चारों युगों में बद्रीनाथ धाम चार अलग-अलग नामों से जाना गया है. सतयुग में बद्रीनाथ धाम का नाम मुक्तिप्रद क्षेत्र,…

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अल्मोड़ा में दलित दूल्हे को सवर्णों ने जबरन घोड़ी से उतारा

यह उत्तराखण्ड के लिए कफल्टा में हुए दलित नरसंहार को याद करने का महीना है. मई 1980 उत्तराखण्ड के इतिहास…

4 years ago

अमरीकी नस्लवाद बनाम भारतीय जातिवाद

-मनीष आज़ाद 26 फरवरी की रात 2012 को अमेरिका के ‘फ्लोरिडा’ नामक शहर में ‘ट्रायवान मार्टिन’ नामक व्यक्ति को ‘जिम्मरवान’…

4 years ago

सानन थैं पधान हो कयो, रात्ति में बांगो

हमारे अंचल में एक किस्सा प्रचलित है, कहा जाता है कि किसी जमाने में, जब पेड़-पौधे, पंछी-जानवर इंसानों की तरह…

4 years ago

ईद की सिवईं में और ज्यादा मिठास घोलने वाली खबरें

आस बँधाते लोग, उम्मीद जगाती खबरें हम ऐसे दौर से गुजर रहे हैं जब पूरे देश में सांप्रदायिक घृणा भड़काने…

4 years ago

लोक कथा : श्राद्ध की बिल्ली

किसी जमाने की बात है. एक गांव में सास-बहू रहा करते थे. जैसा की पहाड़ों के हर घर में होता…

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