संस्कृति

युगमंच नैनीताल : रंगमंच और सिनेमा जगत को नामचीन कलाकार देने वाला थिएटर ग्रुप

उत्तराखण्ड में रंगमंच के विकास की गरज से साल 1976 में ‘युगमंच’ की स्थापना की गयी. चार दशक के अपने…

6 years ago

गढ़वाल से ग्लोब तक मेरे कैसे-कैसे कमरे

तुम्हें अपने कमरे से जाने की ज़रूरत नहीं है. अपनी मेज के पास बैठे रहो और सुनो. बल्कि सुनो भी…

6 years ago

निशा पुनेठा की ठेठ कुमाऊनी राखियां सजाएगी भाइयों की कलाई

ऐपण उत्तराखण्ड के कुमाऊं मंडल की बहुप्रचलित लोककला है. कुमाऊँ के हर घर की महिलाएं मांगलिक अवसरों पर इसे सदियों…

6 years ago

केदारनाद की टोकरी से हरेले का एक गीत

पिछले कुछ सालों से उत्तराखण्ड के युवाओं द्वारा लोक संगीत को नए कलेवर में पेश करने का चलन देखने में…

6 years ago

उत्तराखण्ड के एक लोक शिल्पी का जीवन

ग्राम नुवाली पोस्ट चैनपुर, जिला पिथौरागढ के रहने वाले फुन राम इस समय 80 साल के है. फुन राम बचपन…

6 years ago

उत्तराखंड के कालिदास शेरदा

शेरदा चले गये. मेरा उनका वर्षों साथ रहा. सचमुच वे अनपढ़ थे. यदि अनपढ़ नहीं होते तो इतनी ताजी उपमाएँ…

6 years ago

बचपन में देखा हुआ एक स्वप्न है मेरा एड़द्यो

उत्तराखंड के अल्मोड़ा जनपद में मछखाली और सोमश्वर के बीच लगभग सात हजार फीट ऊँची पर्वतश्रेणी एड़द्यो कहलाती है. इस…

6 years ago

इन मुश्किल दिनों में तीन कुमाऊनी गीत

लॉकडाउन के समय में परेशानियों से जूझ रहे लोग आपसी सहयोग से जिंदगी को थोड़ा आसान बनाने की कोशिश कर…

7 years ago

बसंत के इस्तकबाल का त्यौहार है फूलदेई

ऋतुराज बसंत का स्वागत उत्तराखण्ड को देवभूमि के साथ उत्सवों की भी भूमि कहा जाय तो गलत नहीं होगा. यहाँ…

7 years ago

घुघुती की हमारे लोकजीवन में गहरी छाप है

घुघूती का महत्व देश के अन्य भागों में कितना है कह नहीं सकता किन्तु गढ़वाल-कुमाऊँ में घुघुती की छाप सबके…

7 years ago