संस्कृति

अनूठी शान है कुमाऊनी महिला होली की

यूं तो होली पूरे देश में मनाए जाने वाला एक उमंग पर्व है परन्तु अलग अलग अंचलों में इस पर्व…

1 week ago

एक गुरु की मूर्खता

केरल की मिट्टी में कुछ तो है, या शायद वहाँ की हवा में, जो मलयालियों के स्वभाव में हल्की-सी बेबाकी,…

2 weeks ago

प्रेम में ‘अपर्णा’ होना

हिमालय की गोद में राजा हिमवान और रानी मेना के यहाँ जन्मी पार्वती बचपन से ही शिव को अपने आराध्य…

2 weeks ago

घमंडी पिता और उसकी सीख

हिमालय की ऊँची पहाड़ियों के बीच एक छोटा-सा गाँव था. पत्थर के घर, देवदार के जंगल और पास ही बहती…

4 weeks ago

उत्तराखंड के पेड़-पौधे: लोकज्ञान और औषधीय सत्य

कहा जाता है कि एक बार हिमालय में एक वैद्य गुरु अपने शिष्यों की शिक्षा पूरी होने पर अंतिम परीक्षा…

4 weeks ago

सामाजिक उत्पीड़न को सम्पूर्णता में व्यक्त करते हैं ‘जागर गीत’

सामाजिक उत्पीड़न कुमाऊँ के लोकगीतों में अनेक प्रकार से उभरा है. इन गीतों का कोई अंग यदि इस उत्पीड़न को…

4 weeks ago

‘काल्द’ यानी भैरव पहली बार कैसे प्रकट हुए?

इस कहानी को विलियम एस. सैक्स की पुस्तक God of Justice से लिया गया है. यह पुस्तक गढ़वाल और मध्य हिमालय क्षेत्र…

1 month ago

उपकोशा और उसके वर

यह कथा कथासरित्सागर से ली गई है—एक प्राचीन कश्मीरी कथा-संग्रह, जिसकी परंपरा पंचतंत्र और हितोपदेश जैसी है. कथासरित्सागर स्वयं कई…

1 month ago

मेहनती भालू और चालाक सियार की लोककथा

हिमालय की घनी घाटियों और देवदार के जंगलों के बीच एक शांत इलाका था. वहाँ एक ताक़तवर भालू रहता था.…

1 month ago

बंदर बहादुर के चोर तेंदुए को जंगल से भगाने वाली लोककथा

बहुत पहले की बात है. हिमालय की तलहटी में बसे एक घने जंगल और उसके पास बसे गाँवों में एक…

1 month ago