लोक

घुघुती की हमारे लोकजीवन में गहरी छाप है

घुघूती का महत्व देश के अन्य भागों में कितना है कह नहीं सकता किन्तु गढ़वाल-कुमाऊँ में घुघुती की छाप सबके…

6 years ago

बंसत पंचमी नये कार्यों की शुरुआत करने का पर्व है

बसंत ऐग्ये हे पार सार्यो मां, रूणक झुणक ऋतु बसंत गीत लगांदि ऐग्ये... आज से बंसत का आगमन हो गया…

6 years ago

बागेश्वर उत्तरायणी मेले में इस वक्त निकल रही झांकियों की तस्वीरें

उत्तराखण्ड के बागेश्वर में लगने वाला उत्तरायणी मेला ऐतिहासिक महत्व रखता है. (Uttarayani Mela Bageshwar 2020) पुराने समय में यह…

6 years ago

अभिलाषा पालीवाल के ऐपण कला में अद्भुत प्रयोग

हल्द्वानी में रहने वाली अभिलाषा पालीवाल की ऐपण कला पारंपरिक ऐपण कला और आधुनिक पेंटिंग का अद्भुत सम्मिश्रण हैं. देहरी…

7 years ago

उत्तराखंड में गाये जाने वाले निमंत्रण गीत

उत्तराखण्ड में पुराने समय में निमंत्रण देने के लिये एक व्यक्ति गांव के सबसे ऊंचे हिस्से पर जाता और वहाँ…

7 years ago

अर्जुन का अवतार है कुमाऊं का ऐड़ी देवता

ऐड़ी (अहेरी) कुमाऊं मण्डल का एक बहुपूजित लोक देवता है. देवकुल में इसका महत्वपूर्ण स्थान है, सैम व गोरिया के…

7 years ago

ऐपण कला की उम्मीद पिथौरागढ़ की निशा पुनेठा

उत्तराखण्ड की लोकसंस्कृति के विलुप्त हो जाने की आशंका के बीच कई युवा अपने जिद्दी इरादों के साथ इस कुहासे…

7 years ago

रामलीला ही नहीं राजनीति के भी दशरथ हैं बंशीधर भगत

उत्तराखंड प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान रखने वाले विधायक बंशीधर भगत जब आते हैं स्टेज पर तो बज उठती…

7 years ago

क्या आवश्यक हैं रामलीला में अशोभनीय प्रसंग?

सीता स्वयंवर व धनुष यज्ञ प्रसंग में अनेक रामलीलाओं में फूहड़ता देखने को मिलती है. धनुष तोड़ने आये राजाओं की…

7 years ago

कुमाऊनी रामलीला के तबला उस्ताद: मास्साब मनोहर लाल

पिछले छः दशक से भी अधिक समय से रामलीलाओं में तबला वादक के रूप में भागीदारी कर रहे मनोहर लाल…

7 years ago