उत्तराखण्ड के बागेश्वर में लगने वाला उत्तरायणी मेला ऐतिहासिक महत्व रखता है. (Uttarayani Mela Bageshwar 2020)
पुराने समय में यह मूलतः व्यापार आधारित था. दूर दराज से लोग खरीदारी करने यहाँ आते थे. तिब्बत से व्यापार करने वाले शौका व्यापारी भी यहाँ पहुँचते थे.
मेले के दौरान सरयू तट पर बसे बागेश्वर की चहल-पहल और रौनक देखने लायक होती है. इस दौरान उत्तराखण्ड की संस्कृति के विभिन्न रंग पूरे बागेश्वर को इन्द्रधनुषी बना देते हैं.
काफल ट्री टीम से अशोक पांडे ने बागेश्वर उत्तरायणी मेले में मौजूद हैं. इस वक्त निकल रही सांस्कृतिक झांकी की रंगारंग तस्वीरें उन्होंने भेजी हैं.
काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री
काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें
हाल ही में मेरी उत्तराखंड यात्रा, हरिद्वार, मसूरी, देहरादून और टिहरी, ने मुझे यह गहरा एहसास कराया कि…
रात ढलते ही जब सुबनी और लाली दोनों बहनें पानी भरने के लिए गाँव के…
चीड़ के जंगल उत्तराखण्ड के कुमाऊं व गढ़वाल क्षेत्र में 900 से 1500 मीटर की ऊंचाई पर बहुतायत में पाये…
2013 सन् में नेशनल बुक ट्रस्ट ने देवेन्द्र मेवाड़ी की किताब 'मेरी यादों का पहाड़' छापकर सराहनीय…
नौ साल बाद पिथौरागढ़ जा रहा था. पिछले कुछ वर्षों में जब भी छुट्टी मिली, बेटी…
देवी मां उदास है परन्तु परलोक गया पुत्र आज भी यादों में आकर उसको हिम्मत…
View Comments
Great , अब यह मेला हल्द्वानी से बागेश्वर transfer हो गया है क्या ?