उस तरफ विपुल की आवाज़ थी. इस तरफ फोन के जाने कौन था. तब तक, जब तक मैं नहीं था!…
एक अन्यायी और चापलूसी-पसंद राजा था. जो तो उसकी चाटुकारी में कसीदे गढ़ता उसे वह खूब खैरात बांटता लेकिन जो…
भाव राग ताल नाट्य अकादमी द्वारा आयोजित, 'मूल लेख बादल सरकार व हिंदी अनुवाद अभिषेक गोस्वामी' नाटक "हट्टमाला के उस…
बीते मंगलवार उत्तराखंड लोक संस्कृति के आधार स्तंभ शिवचरण पांडे का लम्बी बीमारी के बाद निधन हो गया. शिवचरण पांडे…
किसी जंगल में एक बकरा और बकरी साथ रहा करते थे. बकरी का नाम था मनमंजरी. दोनों बहुत दुखी थे,…
प्यार से गोपू पुकारा जाने वाला गोपाल बहुत मिन्नतों के बाद पैदा हुई अपने माता-पिता की इकलौती संतान था. माता-पिता…
पहाड़ों में असल होली की शुरुआत एकादशी से ही होती है. दशमी और एकादशी के जोड़ के दिन गांव-गांव में…
चैत्र का महीना शुरू हो गया था. सभी ब्याहताओं की तरह वह भी अपने भाई का रस्ता देखने लगी. भाई…
प्रकृति की गोद में पलने और बढ़ने वाले पहाड़ियों का पर्व फूलदेई है कल. पहाड़ियों का जीवन में प्रकृति का…
जाने कैसा भाग बदा था उस बहू का जो ऐसी दुष्ट सास मिली. बहू जितनी सीधी-सादी, निश्छल व सरल स्वभाव…