समाज

चीड़ की छाल को कलाकृतियों का रूप दे रहा एक कलाकार

चीड़ के जंगल उत्तराखण्ड के कुमाऊं व गढ़वाल क्षेत्र में 900 से 1500 मीटर की ऊंचाई पर बहुतायत में पाये जाते हैं. चीड़ के तने…

1 week ago

‘मनिला डांडे की देवी मां आज बहुत उदास है

देवी मां उदास है परन्तु परलोक गया पुत्र आज भी यादों में आकर उसको हिम्मत दिला रहा है. मनिला डांडे…

2 weeks ago

एक ‘युवा’ एथलीट जिनकी उम्र 92 वर्ष है!

आम तौर पर एक उम्र के बाद व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से अशक्त, बेबस और लाचार हो जाते हैं.…

1 month ago

रिंगाल: पहाड़ की बुनावट में छिपा रोजगार और जीवन

पहाड़ों में जीवन हमेशा प्रकृति के साथ जुड़कर चला है. यहाँ जंगल सिर्फ पेड़ों का समूह नहीं होते, बल्कि लोगों की…

1 month ago

हिमालय के गुमनाम नायक की कहानी

इस तस्वीर में आपको दिख रहे हैं "पंडित नैन सिंह रावत" — 19वीं सदी के उन महान भारतीय खोजकर्ताओं में से एक, जिन्हें “पंडित…

2 months ago

द्वी दिना का ड्यार शेरुवा यौ दुनीं में : अलविदा, दीवान दा

‘यौ डाना कौ पारा, देख्यूंछ न्यारा-न्यारा’ दीवान सिंह कनवाल की आवाज़ में ये गीत पहली कुमाऊनी फ़िल्म ‘मेघा आ’ का है. ‘मेघा…

4 months ago

बर्बर इतिहास का नाम क्यों ढो रहा है ‘खूनीबढ़’

कोटद्वार में बाबा की दुकान का नाम बदले जाने और बजरंग दल से भिड़ने वाले मोहम्मद दीपक के मामले ने…

5 months ago

कौन थे पाशुपत संप्रदाय के पुरोधा ‘लकुलीश’?

पाशुपत संप्रदाय के पुरोधा भगवान लकुलीश को भारतीय शैव परंपरा के विकास में एक अत्यंत महत्वपूर्ण व्यक्तित्व माना जाता है.…

5 months ago

कैसे अस्तित्व में आया नारायण आश्रम और कौन थे नारायण स्वामी?

नारायण आश्रम उत्तराखंड के पिथौरागढ़ ज़िले में धारचूला से ऊपर, ऊँचे पहाड़ों और गहरी घाटियों के बीच स्थित है. आज…

5 months ago

क्या चंद शासकों से पहले अल्मोड़ा में नंदादेवी का कोई मंदिर था?

परंपरा और इतिहास के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण यह लेख पल्टन बाज़ार, अल्मोड़ा प्रभात कुमार साह गंगोला जी द्वारा 2011 में लिखा गया है. श्री…

5 months ago