Default

ब्रह्म मुहूर्त का ज्ञान

भोजन का आनंद लेना है, तो भूख लगनी जरूरी है. नींद का आनंद लेना है, तो थकान होनी जरूरी है. सुविधाओं का आनंद लेना है, तो मुश्किलों में, तकलीफों में जीने का अनुभव जरूरी है. वह जिसे भूख ही नहीं लगती, उसके पास बहुत सारा स्वादिष्ट भोजन हो भी तो क्या लाभ.

वह जो काम करके, व्यायाम करके थकता ही न हो, उसके पास सोने को बहुत सुकोमल बिस्तर भी हो तो भी उसे नींद का सुख नहीं मिलने वाला. जिसने शारीरिक और मानसिक तपश्चर्या नहीं की हो, उसके लिए सुविधाओं का भी कोई मोल नहीं रह जाता. यह जान लें कि प्रकृति की जरूरतों के मुताबिक जीने में ही परम सुख है.

इसे भी पढ़ें:  खुद का जितना ध्यान रखोगे, दूसरों का उतना बेहतर ध्यान रख पाओगे

लेखक के प्रेरक यूट्यूब विडियो देखने के लिए कृपया उनका चैनल MindFit सब्सक्राइब करें

कवि, पत्रकार, सम्पादक और उपन्यासकार सुन्दर चन्द ठाकुर सम्प्रति नवभारत टाइम्स के मुम्बई संस्करण के सम्पादक हैं. उनका एक उपन्यास और दो कविता संग्रह प्रकाशित हैं. मीडिया में जुड़ने से पहले सुन्दर भारतीय सेना में अफसर थे. सुन्दर ने कोई साल भर तक काफल ट्री के लिए अपने बचपन के एक्सक्लूसिव संस्मरण लिखे थे जिन्हें पाठकों की बहुत सराहना मिली थी.

हमारे फेसबुक पेज को लाइक करें: Kafal Tree Online

Support Kafal Tree

.

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Kafal Tree

Recent Posts

देवदार या देव दारु

देवदार या देव दारुः देवों के वृक्ष मुख्य रूप से हिमालय मे लगभग डेढ़ हज़ार…

1 day ago

कसारदेवी : जहां स्वर्ग के सबसे करीब होने का अहसास होता है

“कसारदेवी या अल्मोड़ा जैसी छोटी सी जगह में ऐसा क्या है जो दुनियाभर से लोगों…

1 day ago

दुर्गम पहाड़ों तक कैसे पहुंचे महाराष्ट्र-गुजरात के पर्व

बचपन में हमें होली-दिवाली और राखी के अलावा मकर संक्रांति, घी त्यार और फूलदेई जैसे उत्सवों…

1 week ago

पिथौरागढ़ में स्विट्ज़रलैंड बनने की है पूरी क्षमता

इस बार करीब 9 साल बाद पिथौरागढ़ जाकर एक बात साफ दिखी कि यहां कुछ…

2 weeks ago

अलमोड़े में नंदादेवी मेले की ताज़ा तस्वीरें

आस्था और विश्वास की प्रतीक श्री नंदा देवी की भक्ति में इन दिनों पूरा उत्तराखंड…

2 weeks ago

अहा! कैसा होता था नंदादेवी कौतिक

उत्तराखण्ड के पहाड़ों में मेले केवल मनोरंजन के अवसर नहीं रहे हैं. वे लोकजीवन की…

2 weeks ago