हैडलाइन्स

भीमताल में आदमखोर का खौफ़

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये क्लिक करें – Support Kafal Tree

पहाड़ में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनायें बेहद आम हो चली हैं. नैनीताल जिले के भीमताल ब्लॉक में इन दिनों एक आदमखोर का खौफ़ व्याप्त है. बीते 13 दिनों में नैनीताल के भीमताल ब्लॉक में पांच किलोमीटर के भीतर 3 लोगों को आदमखोर अपना शिकार बना चुका है.
(Another woman killed in Bhimtal)

7 दिसम्बर के दिन मलुवाताल गांव की इंद्रा बेलवाल, 9 दिसम्बर को पिन्रो गांव निवासी पुष्पा देवी और बीते मंगलवार निकिता शर्मा को आदमखोर अपना शिकार बना चुका है. करीब 5 किलोमीटर के दायरे में घटी इन घटनाओं की वजह से इलाके में भी का माहौल है. वन विभाग के प्रति जनता आक्रोशित है.  

वनविभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए आज स्थानीय महिलाएं आज सड़कों पर उतर आई. महिलाओं के एक बड़े समूह ने आज खुटानी भीमताल में जाम लगाकर विरोध दर्ज किया और वन विभाग समेत प्रशासन के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की.

भीमताल क्षेत्र में एक लम्बे समय बाद महिलाएं प्रशासन के विरुद्ध सड़क देखी गयी है. स्वतःस्फूर्त जमा हुए महिलाओं के इस जत्थे को देख स्थिति की गंभीरता को समझा जा सकता है.
(Another woman killed in Bhimtal)

बीते कई दिनों से 75 वनकर्मियों की फ़ौज दिन-रात 5 किमी के इस इलाके में गश्त लगा रही है लेकिन उनके हाथ कुछ नहीं लग रहा. एक तरफ इलाके में रहने वाले लोगों को आदमखोर नजर आ रहा है लेकिन वन विभाग के कैमरे और पिंजरे खाली हैं. वन विभाग द्वारा ग्रामीणों से जंगल नहीं जाने की अपील की जा रही है.

इस बीच वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि भीमताल में लगातार लोगों की जन लेने वाला बाघ है या गुलदार, अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है.
(Another woman killed in Bhimtal)

दैनिक अख़बार हिन्दुस्तान के आधार पर.

काफल ट्री फाउंडेशन

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Kafal Tree

Recent Posts

कुमाऊँ की विलुप्त होती जन्माष्टमी पट्ट-चित्र परम्परा

कुमाऊँ में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी केवल भगवान कृष्ण के जन्म का धार्मिक पर्व नहीं रही है,…

2 weeks ago

बद्रीदत्त पांडे और इंद्र सिंह नयाल ने रखा था ‘उत्तराखंड राज्य की संकल्पना’ का वैचारिक आधार

पिछली कड़ी : पहले समाज बदलो, राज्य अपने आप सार्थक हो जाएगा : इंद्र सिंह नयाल इन्द्र…

2 weeks ago

आकर्षक कलेवर में आंचलिक परिवेश की किताब “टुकड़ा-टुकड़ा जिंदगी”

पूरी तरह आंचलिक परिवेश में तैयार, "टुकड़ा टुकड़ा जिंदगी" वरिष्ठ इतिहासकार डॉ निर्मल जोशी की नव प्रकाशित…

2 weeks ago

भूख न तीस न डर न फिकर छ्, मुट्ट बोटीं छन कसीं कमर छ्

ये सितंबर 1994 की सुबह थी जब खटीमा में पूर्व सैनिकों का जुलूस निकल रहा था. पूर्व…

2 weeks ago

उत्तराखण्ड के सरोवर

उत्तराखण्ड को सामान्यतः हिमालय, नदियों, झरनों और जलधाराओं की भूमि के रूप में जाना जाता है. किंतु…

2 weeks ago

दौड़ता अल्मोड़ा : फ़ोटो निबंध

पिछले 3 सालों से अल्मोड़ा के कुछ जागरूक युवा अल्मोड़ा मानसून मैराथन का आयोजन कर रहे हैं,जिसमें…

2 weeks ago