निर्मल वर्मा की कहानी ‘परिंदे’

4 years ago

अंधेरे गलियारे में चलते हुए लतिका ठिठक गयी. दीवार का सहारा लेकर उसने लैम्प की बत्ती बढ़ा दी. सीढ़ियों पर…

हरसिल की यात्रा

4 years ago

हरसिल, उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में स्थित एक खूबसूरत घाटी है, जो कि भागीरथी नदी के किनारे अवस्थित है. इसके…

छिपलाकोट अन्तर्यात्रा: सारा जमाना ले के साथ चले

4 years ago

पिछली कड़ी यहां पढ़ें: छिपलाकोट अन्तर्यात्रा: बेचैन बहारों को गुलजार हम करें पिथौरागढ़ आते ही नैनीताल वाली आम आदत फिर…

नैनीताल में पहला डोसा और छुरी-काँटा

4 years ago

पहाड़ों में 80 के दशक में पले बढ़े युवाओं के लिए भोजन के नाम पर अधिक व्यंजनों की गुंजाइश नहीं…

परमात्मा का कुत्ता: सरकारी दफ्तरों का सच कहती कहानी

4 years ago

बहुत-से लोग यहाँ-वहाँ सिर लटकाए बैठे थे जैसे किसी का मातम करने आए हों. कुछ लोग अपनी पोटलियाँ खोलकर खाना…

रोपाई से जुड़ी परम्पराओं पर एक महत्वपूर्ण लेख

4 years ago

आज भले ही हमारे खेत बंजर हो रहे हैं. हम गुणी-बानरों की बात कहकर खेती छोड़ रहे हों पर एक…

सामाजिक सरोकारों से सरोकार रखने वाले डॉ. दीवान नगरकोटी नहीं रहे

4 years ago

सुबह सबेरे ही आज लखनऊ से मित्र मोहन उपाध्याय ने दिल उदास करने वाली खबर दी कि दीवान नगरकोटी नहीं…

चालाक सियार: पहाड़ी लोककथा

4 years ago

एक बार जंगल में तेंदुए, भेड़िए, बिल्ली, चूहे और सियार ने मिलकर एक बेहद तेज भागने वाले मोटे हिरन को…

स्व. बी डी पाण्डे की आत्मकथा ‘इन द सर्विस ऑफ़ फ्री इंडिया’

4 years ago

पुस्तक के परिचय में रत्ना एम. सुदर्शन लिखती हैं- यह किताब उन लोगों को आश्चर्यचकित करेगी जो मेरे पिता को…

अल्मोड़े के बच्चों से जुड़ी इस ख़बर पर आपको भी नाज़ होगा

4 years ago

सबकी दिली-ख़्वाहिश होती है कि उसके बच्चे अच्छा पढ़–लिखकर एक बेहतर मुक़ाम हासिल करें. अपने बच्चों की अच्छी शिक्षा के…