पहाड़ की क्लासिक प्रेमकथा : कोसी का घटवार

8 years ago

शेखर जोशी का जन्म 10 सितंबर 1932 को उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के ओलिया गांव में जन्म हुआ. अनेक सम्मानों…

तुम इतना जो मुस्करा रहे हो – जगजीत सिंह पुण्यतिथि विशेष

8 years ago

ग़ज़ल का सुनने का शौक़ हो और आपने जगजीत सिंह का नाम न सुना हो ऐसा मुमकिन नहीं. 8 फरवरी…

वरेण्यम क्रिएशन्स: उत्तराखण्ड के सांस्कृतिक जगत की नयी उम्मीद

8 years ago

एक छोटे से राज्य के मामूली से गाँवों-कस्बों के कुछ युवा एक छोटे से शहर में पढ़ाई करने के दौरान…

कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 108

8 years ago

डा. वासुदेव शरण अग्रवाल ने एक जगह लिखा है - “लोकोक्तियाँ मानवीय ज्ञान के चोखे और चुभते सूत्र हैं.” यदि…

कुमाऊँ की सत्ता का ऐतिहासिक केंद्र रहा है पाली-पछाऊं

8 years ago

पाली-पछाऊं द्वाराहाट से 12 मील की दूरी पर है. इसे चन्द राजाओं की राजधानी के रूप में जाना जाता है.…

यह लेख अटैची के बारे में नहीं है

8 years ago

आज प्रातः समाचार मिला कि एक मित्र की नियुक्ति उप निदेशक के पद पर हो गई है. मित्र की नियुक्ति…

उत्तराखंड ग्रामीण संस्कृति का हिस्सा ‘दाल-भात’

8 years ago

दाल-भात का उत्तराखंड ग्रामीण संस्कृति में पहला स्थान है. नामकरण, जनेव, शादी, बरसी सभी में दाल-भात मुख्य भोजन होता था.…

अल्मोड़ा में जन्मे थे मलेरिया मच्छर की खोज करने वाले सर रोनाल्ड रॉस

8 years ago

एक समय था जब दुनिया भर में मलेरिया जानलेवा बीमारी मानी जाती थी और असंख्य लोग इसकी चपेट में आकर…

आह को चाहिए इक उम्र असर होते तक – मिर्ज़ा ग़ालिब के बारह महान शेर

8 years ago

उर्दू से सबसे सफल शायर सब मानते हैं कि उर्दू एक बेहद मीठी ज़बान है. इस भाषा में लिखी गयी…

“रिद्धि को सुमिरों सिद्धि को सुमिरों” – उत्तराखण्ड लोकसंगीत की विलुप्त वैरागी परम्परा

8 years ago

बुजुर्ग लोग बताते हैं कि आज से कोई पांच-छह दशक पूर्व तक गुरु गोरखनाथ की परंपरा के नाथ पंथी योगी…