हैडलाइन्स

तुम इतना जो मुस्करा रहे हो – जगजीत सिंह पुण्यतिथि विशेष

ग़ज़ल का सुनने का शौक़ हो और आपने जगजीत सिंह का नाम न सुना हो ऐसा मुमकिन नहीं. 8 फरवरी 1941 में जन्मे जगजीत सिंह के मन में यह लक्ष्य स्पष्ट था कि रिवायती अंदाज़ से हट कर कुछ नया नहीं किया गया तो रही सही ग़ज़ल भी मर जाएगी. वे सुनने वालों के मूड को अपने गणित से भाँपते थे और क्या गाना है क्या नहीं महफ़िल देख कर तय करते थे. उनकी मृत्यु पर उन्हें याद करते हुए शायर निदा फाजली ने यह भावपूर्ण संस्मरण लिखा था.- सम्पादक

उनकी आवाज़ ही उनकी पहचान थी

– निदा फ़ाज़ली

मैंने बीबीसी के लिए जगजीतसिंह पर एक लेख लिखा था. उसमें किसी जगह पर लिखा था- जगजीत की आवाज खुदा की नेमत है. उनकी शोहरत इसी नेमत की वसीयत है. जगजीत ने बीबीसी की वेबसाइट पर वह लेख पढ़ा था. एक दिन अचानक फोन की घंटी बजी. सवेरे नौ बजे का समय था. तानपुरे के सुरों से फूटती एक जानी-पहचानी आवाज रिसीवर से आ रही थी. आवाज जगजीतसिंह की थी. वे जब भी फोन करते थे, अपना नाम नहीं बोलते थे. उनकी आवाज ही उनकी पहचान थी.

खामुशी आईना बन जाती है,
तेरी आवाज नजर आती है.

वो आवाज बोल रही थी, मैंने तुम्हारा मजमून पढ़ा, तुमने खुदा की नेमत का जिक्र तो किया, लेकिन खुदा की नेमत की हिफाजत के बारे में कुछ नहीं लिखा. खुदा की नेमत की हिफाजत जब इंसान की मेहनत नहीं करती तो खुदा अपनी नेमत को वापस भी ले लेता है. ऐसी कई गुमनाम मिसालें पेश की जा सकती हैं. मेहदी हसन की आवाज हो या बेगम अख्तर का अंदाज, बिना रियाज या मेहनत के शोहरत नहीं पाते.

खुदा के हाथों में मत सौंप सारे कामों को,
बदलते वक्त पर कुछ अपना इख्तियार भी रख.

जगजीत नास्तिक नहीं थे. वे खुदा को मानने वाले थे, लेकिन खुदा के साथ वे संसार में इंसान के भी कद्रदान थे. इसी इंसान की कद्रदानी के एहसास ने उनकी शख्सियत में भगवान और इंसान के रिश्ते को नई तरह से परिभाषित किया था. इस परिभाषा के अनुसार खुदा से उनका रिश्ता दो हमसफर दोस्तों जैसा था. वे उससे लड़ते-झगड़ते भी थे. हंसते-हंसाते भी थे और उसी को गा-गा के सुनाते भी थे.

खुदा के साथ उनका लड़ना-झगड़ना उस समय शुरू हुआ, जब बरसात की एक रात मुंबई की एक अंधेरी सड़क पर खुदा ने अचानक उनसे उनका इकलौता 18 वर्ष का लड़का विवेक सिंह को छीन लिया था, लेकिन जगजीत सिंह जीवनभर अपने घर में उसकी बड़ी-सी तस्वीर के आगे रोजाना फूल चढ़ाते रहे, अगरबत्ती जलाते रहे. वे आखिरी सांस तक विवेक को अपने से अलग नहीं कर पाए. वे जन्म से सरदार थे, लेकिन राजस्थान के गंगानगर से मुंबई आने के कुछ दिन बाद ही वे बाहर की सरदारी दाढ़ी-मूंछें और पगड़ी से आजाद होकर अंदर से गुरुग्रंथ साहब में शामिल बाबा नानक के दोहे की मिसाल बन गए थे.

अव्वल अल्ला नूर उपाया कुदरत के सब बंदे,
एक ही नूर से सब जग उपजा कौन भले कौन मंदे.

जगजीत हकीकत में गजल सिंगर के रूप में एक संत थे. मंदिर, मस्जिद, गिरजा और गुरुद्वारे में विभाजित खुदा को उन्होंने नए सिरे से जोड़कर अपने दिल में बसा लिया था.

वो उन्हीं के साथ सोता था, उन्हीं के साथ जागता था और उन्हीं के साथ रोता भी था. जगजीत की पूजा या इबादत भी संतों और सूफियों जैसी थी. वो गाते थे, हर देश में हजारों सूनी आंखों में ख्वाब सजाते थे. अपनी शर्तों पर ही महफिलें सजाते थे और खूब कमाते थे, लेकिन इस लाखों-करोड़ों की कमाई में से वो रेसकोर्स में घोड़े ही नहीं दौड़ाते थे, बल्कि शहर के कई बेसहारा अनाथों के जीवन में खुशियां भी जगाते थे. गरीबों और बेरोजगारों का साथ भी निभाते थे. उनकी कमाई की हिस्सेदारी में लीलावती हॉस्पिटल का वह कमरा भी था, जहां उन्होंने आखिरी सांसें ली थीं और इन्हीं के साथ वह आर्थिक मदद भी थी, जो हर महीना चित्राजी के पहले पति को पाबंदी से भेजी जाती थी.

चित्राजी और देवप्रसाद दत्ता के पति-पत्नी के रिश्ते की आखिरी गवाह मोनिका ने जगजीत के बारे में लिखा है- मैं लगभग दस साल की थी, जब पापा और मम्मा एक-दूसरे से अलग हुए थे. उन्हीं दिनों जगजीत सिंह का हमारे नए घर में आना-जाना बढ़ा. मुझे यह अच्छा नहीं लगा. मैं नाराज होकर अपने पिता के पास गई, मगर वहां किसी दूसरी स्त्री के कपड़े देखकर मुझे ताज्जुब हुआ.

जगजीत अंकल और मम्मा का रिश्ता शायद मेरे पिता के इसी रवैए की प्रतिक्रिया थी. ये उन दिनों की बात है, जब जगजीत मुंबई में पांव जमाने की कोशिश कर रहे थे और हॉस्टल के एक बेड पर आइंदा जीवन का सपना देख रहे थे और चित्राजी अपने पति से अलग होकर नए फ्लैट में रहती थीं. वे जगजीत से ज्यादा कमाती भी थीं और मशहूर भी थीं.

यह दो जरूरतों का मिलाप था. एक को मुंबई जैसे शहर में किसी मर्द के सहारे की जरूरत थी और दूसरे के आगे-पीछे जिंदगी की कड़वी हकीकत थी. उन दिनों जगजीत को बड़े-बड़े फिल्मी घरों में वक्त गुजारी के लिए बुलाया जाता था, लेकिन महफिल के बाद हमेशा की तरह भुलाया जाता था. उन्हें काम कोई नहीं देता था. जगजीत से मेरी दोस्ती मेरी एक गजल के माध्यम से हुई थी.

गजल का मतला था-

दुनिया जिसे कहते हैं जादू का खिलौना है,
मिल जाए तो मिट्टी है खो जाए तो सोना है.

यह गजल जगजीत ने उर्दू की किसी पत्रिका में पढ़ी थी और रिकॉर्ड भी कर ली थी. इसके रिकॉर्ड होने की सूचना मुझे एचएमवी से एक चैक के जरिए मिली थी. इस गजल से उनकी आवाज में मेरी आखिरी गजल काफी लंबा समय गुजार चुकी है. इस आखिरी गजल का पहला शेर है-

कोई हिन्दू कोई मुस्लिम कोई ईसाई है,
सबने इंसान न बनने की कसम खाई है.

इस शेर में इंसान गालिब के एक शेर में इनसान से मिलता-जुलता है. गालिब ने कहा था-

बसकि दुश्वार है हर काम का आसां होना,
आदमी को भी मयस्सर नहीं इन्सां होना.

मां के पेट से जो जन्म लेता है वो आदमी होता है, लेकिन आदमी को इंसान बनने के लिए एक लंबा सफर तय करना पड़ता है और जब आदमी इंसान बन जाता है तो वो महात्मा गांधी बन जाता है, हसरत मोहानी बन जाता है, राममनोहर लोहिया बन जाता है या जगजीत सिंह बन जाता है.

लता मंगेशकर ने एक बार कहा था कि पाकिस्तान के एक शहर कराची में एक मुसलमान गला ऐसा भी है, जिसमें मेरे भगवान का निवास है और उसका नाम मेंहदी हसन है. मैं उनके शब्दों को यूं दोहराऊंगा- हिन्दुस्तां के एक शहर मुंबई में पुष्प विला में एक फ्लैट में एक हिन्दू गला ऐसा भी था, जिसमें मेरे खुदा का बसेरा था. जगजीत सिंह ने मेरा एक सोलो एलबम इनसाइट के नाम से बनाया था, उसमें एक दोहा भी उनकी आवाज में है-

चाहे गीता बांचिए या पढ़िए कुरआन,
मेरा तेरा प्यार ही हर पुस्तक का ज्ञान.

कबाड़खाना ब्लॉग से साभार

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Kafal Tree

Recent Posts

Олимп казино официальный сайт в Казахстане – Olimp Casino

Олимп казино официальный сайт в Казахстане - Olimp Casino ▶️ ИГРАТЬ Содержимое Преимущества игры в…

6 hours ago

Guide du bonus 1xbet APK – conditions de mise, bonus de bienvenue et retraits

Qu’est‑ce que le 1xbet APK ?Télécharger et installer le 1xbet APK en toute sécuritéCréation de…

7 hours ago

Betify Casino en Ligne | Jouez sur Betify avec 1000 €

Betify Casino en Ligne | Jouez sur Betify avec 1000 € ▶️ JOUER Содержимое Betify…

8 hours ago

Polskie kasyna online z darmowymi spinami dla nowych graczy

Polskie kasyna online z darmowymi spinami dla nowych graczy ▶️ GRAĆ Содержимое Jak wybrać najlepsze…

11 hours ago

Slovenské online kasína – zoznam odporúčaných kasín pre hráčov

Slovenské online kasína - zoznam odporúčaných kasín pre hráčov ▶️ HRAť Содержимое Odporúčané online kasína…

11 hours ago

Zonder Cruks Online Casino – Veiligheid en beveiliging van spelers

Zonder Cruks Online Casino - Veiligheid en beveiliging van spelers ▶️ SPELEN Содержимое Veiligheid van…

11 hours ago