निदा फ़ाज़ली

खट्टी चटनी जैसी माँ

खट्टी चटनी जैसी माँ बेसन की सोंधी रोटी परखट्टी चटनी जैसी माँ याद आती है चौका-बासनचिमटा फुकनी जैसी माँ बाँस…

2 years ago

तुम इतना जो मुस्करा रहे हो – जगजीत सिंह पुण्यतिथि विशेष

ग़ज़ल का सुनने का शौक़ हो और आपने जगजीत सिंह का नाम न सुना हो ऐसा मुमकिन नहीं. 8 फरवरी…

5 years ago