7 फरवरी के दिन उत्तराखंड के चमोली जिले में ग्लेशियर टूटने की वजह से भयानक तबाही का मंजर देखने को मिला. सोशियल मिडिया में घंटे भर में वायरल दर्जन वीडियो ने देशभर में भय की स्थिति पैदा कर दी थी. शाम को मुख्यमंत्री द्वारा प्रेस वार्ता में पूर्ण जानकारी दी गयी.
(Rescue work photos Chamoli Disaster)
सुबह की हुई इस घटना के बाद से ही आईटीबीपी, एसडीआरएफ, भारतीय सेना बचाव कार्य में जुट गयी. बचाव कार्य अभी भी जारी है. घटना में 100 से अधिक लोगों के लापता होने की पुष्टि की जा चुकी है.
मुख्यमंत्री द्वारा जारी बयान में कहा गया कि
एक बड़ा सड़क पुल और चार अन्य झूला पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं. धौलीगंगा के उस इलाक़े का सड़क मार्ग से संपर्क टूट गया है. 17 गांव हैं जिनमें से 7 गांवों के लोग सर्दी की वजह से प्रवास कर गए हैं. 11 गांवों में लोग हैं. वहां सेना के हेलीकॉप्टर पहुंच चुके हैं.
(Rescue work photos Chamoli Disaster)
तस्वीरें आईटीबीपी, भारतीय थल सेना, पीटीआई. उत्तराखंड के ऑफिसियल ट्वीटर हैंडल से ली गयी हैं.
काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री
काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें
पिछली कड़ी : कुमाऊं केसरी बद्रीदत्त पांडे का बहुआयामी व्यक्तित्व व कृतित्व : इतिहास से…
उत्तराखंड अपनी निराली संस्कृति के लिए जाना जाता है. यहां के लोक जीवन के कई…
‘‘...हिमालय के दूर-दराज गाँव के अत्यंत विपन्न परिवार में जन्मा एक छात्र नोबेल विजेता भौतिकशास्त्री…
अल्मोड़ा के काफलीखान गांव के रवि टम्टा ने जब अपने बनाए फ्लाइंग व्हीकल "हापिडा स्काईनेक्स"…
उत्तराखंड के पहाड़ों में लोकगीत और लोकनृत्य केवल मनोरंजन के साधन नहीं, बल्कि यहां की सामाजिक-सांस्कृतिक…
पिछली कड़ी : हिमालय की सामाजिक-आर्थिक संरचना पर प्रोफेसर पूरन चंद्र जोशी कुमाऊं को विशिष्ट…