पिथौरागढ़ में रहने वाले बसंत कुमार भट्ट सत्तर और अस्सी के दशक में राष्ट्रीय समाचारपत्रों में ऋतुराज के उपनाम से लगातार रचनाएं करते थे. वे नैनीताल के प्रतिष्ठित विद्यालय बिड़ला विद्या मंदिर में कोई चार दशक तक हिन्दी अध्यापन करने के उपरान्त फिलहाल सेवानिवृत्त जीवन बिता रहे हैं.
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भौतै भल काम ,लागी रौ
गजब भय ... महराज। रौनक आगै ??