समाज

केदारनाद की टोकरी से हरेले का गीत

पिछले कुछ सालों से उत्तराखण्ड के युवाओं द्वारा लोक संगीत को नए कलेवर में पेश करने का चलन देखने में आया है. इन कोशिशों में गाने को भौंडा बनाने के बजाय उनकी पहाड़ी आत्मा को बचाये-बनाये रखने के जतन भी किये जा रहे हैं.

आधुनिक और पारंपरिक वाद्य यंत्रों के संयोग से बने ये गीत ख़ास तौर से युवाओं के बीच लोकप्रिय भी हो रहे हैं. ऐसे युवाओं कि संख्या भले ही कम है लेकिन ये उत्तराखण्ड के लोकसंगीत की नयी आशा जरूर हैं.

हल्द्वानी के करन जोशी इसी कड़ी में अपने सुर जोड़ रहे हैं. करन गायक हैं, साजिंदे और संगीतकार भी. करन का नया गीत हरेले के मौके पर आया है. आप भी सुनें.

करन जोशी के यू ट्यूब चैनल केदारनाद से इससे पहले होली का गीत भी आया था.

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Sudhir Kumar

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