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चार भाइयों ने बेरोजगारी को मात दे बनाया पहाड़ी बैंड

जौनसार बावर का एक छोटा सा गांव है टिपोउ, लगभग 20 परिवार यहां रहते होंगे. इनमें एक परिवार दलीप वर्मा का भी है. परिवार के चार सगे भाइयों के सामने बेरोजगारी के कारण आर्थिक तंगी एक बड़ी समस्या थी. वहीं खुद को एक नई पहचान देने का सपना भी कहीं मन के किसी कोने में अपनी जगह बनाने लगा था.

इसी बुरे दौर से निपटने के लिए की चारों भाइयों ने खुद का एक पहाड़ी यानि जौनसारी-हिमाचली बैंड बनाने की ठान ली. इससे रोजगार की समस्या तो हल होनी ही थी एक रचनात्मक काम को करते हुए समाज में एक अलग पहचान भी बनती. चरों भाइयों ने बैंड को आगे बनाने के बाद इसमें अपने हुनर से रंग भरना शुरू किया. जल्द ही दलीप बैंड इन चारों काबिल भाइयों की वजह से सुर्खियों बटोरने लगा.

आज यह बैंड किसी परिचय का मोहताज नहीं है. चार सगे भाइयों दीवान वर्मा, दलीप, राजू, डोडा समेत गांव के नीटू, सुरेश, कुलदीप को मिलाकर 7 सदस्यों वाले इस बैंड की इतनी मांग रहती है कि इन्हें शादियों के सीजन में एक पल की फुर्सत नहीं रहती. हाल-फिलहाल इसी सीजन की उनके पास 17 बुकिंग हैं. एक शादी की बुकिंग से उन्हें 15 से 20 हजार रुपये तक कि आय हो जाती है. कुल मिलाकर सफलता हमसे अगर कुछ मांगती है तो वह है जज्बा और जुनून. दलीप बैंड के सदस्यों की तरह लगन और कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो यह कारनामा कोई भी कर सकता है.

हाल ही वैवाहिक समारोह के सुअवसर पर दो दिन इन कलाकारों के साथ बिताने का मौका मिला. इस मुलाकात में दलीप भाई ने बताया कि बैंड बनाने का फैसला उनके लिए बिल्कुल भी आसान नहीं था. एक तरफ संसाधनों की कमी थी, दूसरी तरफ समाज की अंध परम्पराओं की बेड़ियां तोड़कर आगे बढ़ने के लिए हिम्मत जुटाने की भी जरूरत थी.

इन भाइयों ने अपने सामने मौजूद हर चुनौती का सामना करते हुए तय रास्ते पर डटे रहने का फैसला लिया. शुरुआत में अपने गांव और इसके आस-पास विवाह आदि में अपनी प्रस्तुति देने से शुरुआत की. आज इस बैंड की इस कदर मांग है कि एक ही दिन में इनके पास बुकिंग के लिए दर्जनों फोन आ जाते हैं. आज बैंड के सभी सदस्यों के पास ख्याति है लेकिन गुमान बिल्कुल भी नहीं.

विवाह सीजन के अलावा सभी सदस्य खेती बाड़ी का काम भी बड़ी शिद्दत के साथ करते हैं. ऐसा नजरिया ही पहाड़ी राज्यों में एक बदलाव ला सकता है.

मूल रूप से हिमाचल के रहने वाले महावीर चौहान हाल-फिलहाल हल्द्वानी में हिंदुस्तान दैनिक के तेजतर्रार रिपोर्टर के तौर पर जाने जाते हैं.

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Sudhir Kumar

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