हैडलाइन्स

टोक्यो ओलम्पिक में भारतीय खिलाड़ियों के उत्साहवर्धन के लिये नैनीताल के कलाकारों का गीत

हाल ही में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा टोक्यो ओलम्पिक में भारतीय खिलाड़ियों के उत्साहवर्धन के लिये Cheer4India कैम्पेन की शुरुआत की गयी. देश भर से लोग #Cheer4India का प्रयोग कर टोक्यो में होने वाले ओलम्पिक खेलों में भारतीय खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ा रहे हैं.

इस कड़ी में फिल्ड आउटरिच ब्यूरो विभाग, नैनीताल द्वारा एक वीडियो प्रसारित किया गया. नैनीताल के कलाकारों द्वारा बनाये गये इस वीडियो गीत को सोशियल मीडिया में खूब सराहा जा रहा है. फिल्ड आउटरिच ब्यूरो द्वारा प्रसारित यह गीत नैनीताल की शर्मिष्ठा बिष्ट ने गाया है. डॉ. संतोष आशीष द्वारा लिखे गये इस गीत को युवा नीतेश बिष्ट ने संगीत दिया है और आनन्द सिंह बिष्ट और गोपेश बिष्ट ने इसे कम्पोज किया है.

50 सेकंड के इस छोटे से वीडियो क्लिप को फेसबुक और ट्वीटर जैसे सोशियल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर काफ़ी सराहा जा रहा है. उत्तराखंड के युवा संगीतकार नितेश द्वारा दिये जानदार संगीत और शर्मिष्ठा बिष्ट की दृढ़ आवाज में यह गीत #Cheer4India के मूल उदेश्य को सहज प्राप्त करता है.

शर्मिष्ठा चक्रवर्ती बिष्ट की आवाज में सुनिये रवीन्द्र नाथ टैगौर का गीत ‘एकला चलो रे’

शर्मिष्ठा चक्रवर्ती बिष्ट की मधुर आवाज़ को उनके यूट्यूब चैनल में भी सुना जा सकता है.

इसे भी पढ़ें: बॉलीवुड के सुरों में लमगड़ा की कारीगरी

काफल ट्री डेस्क

हमारे फेसबुक पेज को लाइक करें : Kafal Tree Online

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Kafal Tree

Recent Posts

कुमाऊँ की विलुप्त होती जन्माष्टमी पट्ट-चित्र परम्परा

कुमाऊँ में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी केवल भगवान कृष्ण के जन्म का धार्मिक पर्व नहीं रही है,…

1 week ago

बद्रीदत्त पांडे और इंद्र सिंह नयाल ने रखा था ‘उत्तराखंड राज्य की संकल्पना’ का वैचारिक आधार

पिछली कड़ी : पहले समाज बदलो, राज्य अपने आप सार्थक हो जाएगा : इंद्र सिंह नयाल इन्द्र…

1 week ago

आकर्षक कलेवर में आंचलिक परिवेश की किताब “टुकड़ा-टुकड़ा जिंदगी”

पूरी तरह आंचलिक परिवेश में तैयार, "टुकड़ा टुकड़ा जिंदगी" वरिष्ठ इतिहासकार डॉ निर्मल जोशी की नव प्रकाशित…

1 week ago

भूख न तीस न डर न फिकर छ्, मुट्ट बोटीं छन कसीं कमर छ्

ये सितंबर 1994 की सुबह थी जब खटीमा में पूर्व सैनिकों का जुलूस निकल रहा था. पूर्व…

1 week ago

उत्तराखण्ड के सरोवर

उत्तराखण्ड को सामान्यतः हिमालय, नदियों, झरनों और जलधाराओं की भूमि के रूप में जाना जाता है. किंतु…

1 week ago

दौड़ता अल्मोड़ा : फ़ोटो निबंध

पिछले 3 सालों से अल्मोड़ा के कुछ जागरूक युवा अल्मोड़ा मानसून मैराथन का आयोजन कर रहे हैं,जिसमें…

1 week ago