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पहाड़ की स्मृति : यशपाल की कहानी

अब तो मण्डी में रेल, बिजली और मोटर सभी कुछ हो गया है पर एक ज़माना था, जब यह सब…

4 years ago

फ़ोटोग्राफ़र : क़ुर्रतुल एन हैदर की कहानी

मौसमे-बहार के फलों से घिरा बेहद नज़रफ़रेब1 गेस्टहाउस हरे-भरे टीले की चोटी पर दूर से नज़र आ जाता है. टीले…

4 years ago

प्रेमचंद की कहानी ‘मंदिर और मस्जिद’

चौधरी इतरतअली ‘कड़े’ के बड़े जागीरदार थे. उनके बुजुर्गों ने शाही जमाने में अंग्रेजी सरकार की बड़ी-बड़ी खिदमत की थीं.…

4 years ago

गले में पाटी लटकाकर स्कूल जाने की याद

लोग अपने कालेज के दिन याद करते हैं. जवानी के दिनों पर चर्चा करते हैं पर मुझे लगता है पहाड़ी…

4 years ago

उद्यमशीलता के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण नाम है तुलसी देवी

उद्यमशीलता के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण नाम है तुलसीदेवी का. पिथौरागढ़ के नौलेरा गाँव में 1919 में भोटिया व्यापारी सीमासिंह…

4 years ago

उत्तराखण्ड के प्राचीन प्रधान मन्दिरों पर कैंत्युरी शिखर मिलता है

मन्दिरों पर शिखर बनाने की प्रथा गुप्तकाल में आरम्भ हो गई थी. कत्युरी काल के छोटे मन्दिरों पर नागर शिखर…

4 years ago

च्यूरे का एक ही पेड़ घी, शहद और गुड़ का इंतजाम कर सकता है

पहाड़ों को प्रकृति ने अनमोल चीजों से सजाया है. पहाड़ों में एक ही वृक्ष में न जाने रोजमर्रा की जरूरतों…

4 years ago

केदारनाथ पर महत्त्वपूर्ण लेख

मन्दाकिनी नदी के स्त्रोत प्रदेश में भारतखण्ड शिखर के पदतल में 11753 फीट की ऊंचाई पर अत्यन्त भव्य दृश्यावली के…

4 years ago

गुन्दरू आज भी घर की देली पर खड़ा है : लोककथा

एक बार गाँव के थोकदार जी ने अपने शहर जाते चौदह साल के बच्चे गुन्दरू को वापस  आते समय अच्छा…

4 years ago

गुरूजी और जोंक

बीसवीं शताब्दी के पहले साल में अपर गढ़वाल में आधुनिक शिक्षा की अलख जगाने वाले इसी ख्याति प्राप्त विद्यालय में…

4 years ago