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मेरे स्कूल का सुनहरा साल

पचास साल हो गये हैं, मेरे स्कूल की स्थापना के. स्वर्ण जयंती साल है 2022. पचास साल पहले 22 अगस्त…

4 years ago

कुमाऊं में दैनिक जीवन से विलुप्त हो चुकी एक परम्परा

कुमाऊं क्षेत्र में अब सिर ढकने की परम्परा पूरी तरह समाप्त हो चुकी है. कम लोग ही जानते हैं एक…

4 years ago

छिपलाकोट अंतर्कथा : मुझे एक जगह आराम नहीं, रुक जाना मेरा काम नहीं

पिछली कड़ी यहां पढ़ें: छिपलाकोट अन्तर्यात्रा: सारा जमाना ले के साथ चले पिथौरागढ़ महाविद्यालय से शाम चार बजे के आस-पास बाहर…

4 years ago

उत्तराखंड में भादो अष्टमी और सातों-आठों का लोकपर्व

इन दिनों कुमाऊं की धरती पग-पग पर माता भवानी की डलिया लेकर इन्हीं गीतों और संगीत के रंग में डूब…

4 years ago

सातों-आठों से जुड़ी गौरा-महेश्वर की कथा

भादो के महीने की सप्तमी-अष्टमी तिथि को कुमाऊं के गांवों में सातों-आठों पर्व की धूम होती है, बच्चे नए कपड़े…

4 years ago

अनुपमा का प्रेम

ग्यारह वर्ष की आयु से ही अनुपमा उपन्यास पढ़-पढ़कर मष्तिष्क को एकदम बिगाड़ बैठी थी. वह समझती थी, मनुष्य के…

4 years ago

लोकपर्व सातों-आठों पर कही जाने वाली कथा

कुमाऊं में सातों-आठों की खूब धूम रहती है. कुमाऊं क्षेत्र में एक बड़े समाज द्वारा सातों-आठों का पर्व मुख्य पर्व…

4 years ago

सातों-आठों में आज घर आयेंगी गौरा दीदी

पहाड़ में आज उत्सव का माहौल है. सुबह से ही घर की साफ-सफाई लिपा-पोती का जोर है क्योंकि आज गौरा…

4 years ago

वह एक प्रेम पत्र था

तहसील का मुख्यालय होने के बावजूद शिवपालगंज इतना बड़ा गाँव न था कि उसे टाउन एरिया होने का हक मिलता.…

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लांस नायक चंद्रशेखर हर्बोला को नमन

1984 की सर्द जनवरी के महीने लांस नायक चंद्रशेखर हर्बोला अपनी पत्नी और दो बेटियों को जल्द लौटने का वादा…

4 years ago