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जलते जंगल का वसंत

आज सुबह आँख खुली तो मन कुछ उद्विग्न था. बेसिरपैर का, पता नहीं क्या सपना देखा था रात को, कि…

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महंत कहते हैं क्यूंकालेश्वर नहीं कंकालेश्वर है पौड़ी के इस विख्यात मंदिर का असली नाम

पौड़ी गढ़वाल में स्थित विख्यात कंकालेश्वर मंदिर को पर्यटन विभाग क्यूंकालेश्वर मंदिर के नाम से प्रचारित करता है अलबत्ता वहां…

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डीडीहाट का सीराकोट मंदिर

पिथौरागढ़ जिले के मुख्यालय से लगभग पचास किमी की दूरी पर स्थित है डीडीहाट. डीडीहाट एक एतिहासिक नगर है जिस…

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कुमाऊं के इतिहास का सबसे बड़ा कूटनीतिज्ञ हर्ष देव जोशी

चम्पावत के तत्कालीन राजा दीप चंद के दीवान थे हर्ष देव जोशी. एक किंगमेकर, कूटनीतिज्ञ, प्रशासक, सैन्य अधिकारी और अतीव…

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अलौकिक है मुनस्यारी का थामरी कुण्ड

उत्तराखंड के मुनस्यारी नगर से करीब दस किलोमीटर की दूरी पर स्थित है थामरी कुण्ड. समुद्र की स्तर से करीब…

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अपने भीतर एक शानदार युग समेटे हुए है नैनीताल का यह आलीशान अड्डा

किसी भी शहर के सांस्कृतिक चरित्र की पहचान इस बात से होती है कि उसमें सलीके की किताबों की कितनी…

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अंगरेजों ने अल्मोड़े का नक्शा औरै और किया

कुमाऊँ के आदिकवि माने जाने वाले लोकरत्न गुमानी से का जन्म 1790 ई. माना गया है. गुमानी के पूर्वज पिथौरागढ़…

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पंचेश्वर बांध पर जौलजीबी से पंचेश्वर तक डूब क्षेत्र के गांव वासी क्या सोचते हैं

पंचेश्वर बांध प्रभावित क्षेत्र की परिस्थितियों को समझने के लिये हमने अक्टूबर 2018 में 13 से 19 के बीच क्षेत्र…

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झोड़ा : प्रेम और श्रृंगार से भरा नृत्यगान

अल्मोड़ा-रानीखेत-सोमेश्वर-द्वाराहाट क्षेत्र में झोड़ा एक लोकप्रिय नृत्यगान शैली है. झोड़ा चांचरी का ही परवर्ती रूप लगता है. झोड़ा हिंदी के…

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बेदिनी बुग्याल: मखमली घास का हिमालयी मैदान

उत्तराखण्ड के गढ़वाल मंडल के चमोली जिले में है सबसे बड़ा बुग्याल. बुग्याल ट्री लाइन और साल में ज्यादातर समय…

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