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दो सैंणियों वाले कव्वे की रीस: उत्तराखंडी लोककथा

एक कव्वा था. उसकी दो सैंणियाँ थीं. एक नई जवान देखणंचाणं थी, दूसरी उतनी सुन्दर तो नहीं थी. पर होशियार…

5 years ago

कालिय नाग के ज्येष्ठ पुत्र धौलीनाग पर अटूट आस्था है कुमाऊं के लोगों की

श्रीकृष्ण के बाल्यकाल में यमुना के तट पर उनका कालियनाग से संघर्ष का वर्णन मिलता है. श्रीकृष्ण और कालिय नाग…

5 years ago

पैयाँ की टहनियों बिना पहाड़ियों की शादी का मंडप अधूरा रहता है

मध्य हिमालय में जब कड़ाके की सर्दी बढ़ती है तो पेड़ अपने पत्तों को भी ख़ुद से अलग कर देते…

5 years ago

ट्वीट कराओ – कोरोना भगाओ

 उनकी टैस्ट रिपोर्ट अभी-अभी पॉजिटिव आयी है. ये एन्टीजन टैस्ट बताया जा रहा है. वो हमेशा ही एन्टी जन रहे…

5 years ago

न जाने कितने पहाड़ी दंपत्तियों के जीवन की हकीकत है क्षितिज शर्मा की कहानी ‘लौटने के बाद’

वह सोचती है, एक महीने का समय इतना कम नहीं होता. पूरे तीस दिन होते हैं. बल्कि, तीस दिन और…

5 years ago

चनका – पलायन को ठेंगा दिखाता एक मेहनती पहाड़ी

चनका ब्रिटिश भारत के नागरिक जो ठहरे. बिल्कुल 24 कैरेट की पहाड़ी पर्सनालिटी. पीठ में आज से 30 बरस पहले…

5 years ago

रूपकुंड के रहस्य से जुड़ी एक दिलचस्प लोककथा

कन्नौज के राजा और उसके राज्य पर देवी भगवती का कोप था. अच्छा धान बोने पर सोला उगता. लोग जब…

5 years ago

किसानी और बूबू का अनुभव

बूबू (दादा जी) की उम्र नब्बे पार कर चुकी है. इस देश की आजादी की उम्र से ज्यादा बूबू को…

5 years ago

इंतज़ार : युगल जोशी की कहानी

बहुत भागकर वह किसी तरह समय पर बस पकड़ पाया था. (Intezaar Story by Yugal Joshi) सेमेस्टर के इग्ज़ैम के बाद…

5 years ago

दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों के प्राथमिक चिकित्सा केन्द्र गंभीर रूप से बीमार हैं

उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाएं पटरी से उतर चुकी हैं. खास तौर से भौगोलिक विषमताओं वाले यहां के पर्वतीय क्षेत्रों में…

5 years ago