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दुनिया का पहला उपन्यास एक ऐसी औरत ने लिखा था जिसका असली नाम तक हम नहीं जानते

आज से हजार साल पहले का जापान उल्लेखनीय सांस्कृतिक पुनर्जागरण से गुज़र रहा था. आर्थिक सम्पन्नता के उस दौर में,…

4 years ago

पहाड़ ने भी खूब संवारा लखनऊ का चेहरा

किसी भी नगर की सबसे पहली पहचान उसकी नागरिक सुविधाओं से बनती है. लखनऊ अब एक बड़ा महानगर है. सन…

4 years ago

लोककथा : तपस्या का फल

विरेन आज घर से बाजार के लिये यह कहकर निकला था कि वह पूरा सामान खरीद कर लायेगा. एक दुकान…

4 years ago

पुरुषों के वर्चस्व वाले परम्परागत पेशे को अपनाने वाली सोमेश्वर की ‘गीता’ की कहानी

हम अक्सर बात करते हैं कि महिलायें आज पुरुषों से कम नहीं हैं. आज महिलाओं ने हर जगह अपनी पैठ…

4 years ago

पहाड़ों में श्राद्ध के भोजन का अनोखा ही स्वाद होता था

पहले श्राद्ध का गांव में विशेष इन्तजार रहता था . सोलह सरादों में सभी घरों में सराद होता है और…

4 years ago

लोककथा : जिद्दी औरत

एक गांव में एक औरत रहती थी. वह एक विरोधी स्वभाव व बहुत ईर्ष्यालु प्रवृत्ति की थी. कोई उसे कुछ…

4 years ago

ककड़ी चोरी करने वाले को किसी भी प्रकार की गालियां नहीं लगती

चोरी करना बुरी बात है पर यह बात ककड़ी चोरी पर भी लागू हो, कहा नहीं जा सकता. इसलिये तो…

4 years ago

लोककथा : मकड़ी के जाल पर मछलियां

एक गांव में एक परिवार रहता था जिसमें परिवार के नाम पर दो ही सदस्य थे, पति और पत्नी. पति…

4 years ago

सनेती का नंदा माई कौतिक जहाँ चाँचरी के आगे रात सुबह में तब्दील हो जाती है

काली नदी में सबसे ज्यादा जलीय योगदान करने वाली सरमूल से निकलने वाली सरयू और डेबरा श्रेणी भटकोट से निकलने…

4 years ago

कहानी : हार की जीत

-सुदर्शन माँ को अपने बेटे और किसान को अपने लहलहाते खेत देखकर जो आनंद आता है, वही आनंद बाबा भारती…

4 years ago