सर्द मौसम में ‘इंस्पिरेशन सीनियर सेकेंडरी स्कूल,’ काठगोदाम के हॉल के माहौल में तपिश का अहसास था. इस गर्मी की…
हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय ने उत्तराखंड के प्रसिद्ध ढोल वादक सोहन लाल को डॉक्टर ऑफ लेटर्स (डी.लिट) की…
दीपावली के ठीक एक माह बाद जो दीपावली आती है उसका नाम है मंगसीर बग्वाल. इसे उत्तराखण्ड के गढ़वाल क्षेत्र में…
भौत पैलिये बात छु. एक गौं में एक बुड़ और एक बुड़ी रौंछी. उ द्वियनै में हइ-निहई कजी लागिये रोनेर…
पीपल पलवृक्ष के नीचे ढोल रख धरमदास ने अंगौछे से पसीना पोछा और गोरी नदी की ओर मुँह कर एक…
बड़ी पुरानी बात है. एक गांव में एक बुड्ढा और बुढ़िया रहा करते थे. ज़िन्दगी के तीन-तिहाई साथ बिताने के…
एक गांव में एक सुस्त और कामचोर आदमी रहता था. काम-धाम तो वह कोई करता न था, हां बातें बनाने…
"मामा आ गए-मामा आ गए," चहकती हुई शारदा माँ के पास आई. माँ बोली, "मैं ना कहती थी, कोई मेहमान…
काव्य कला का सौष्ठव उसके सब कुछ कह देने में नहीं, बल्कि, अनकहे अंश में है. जैसे अपने पति का…
एकबार एक चालाक बनढ़ाडु दूध के बर्तन में मुंडी डालकर दूध पी रहा था. अचानक घर के मालिक के आने…