बचपन से ही अक्सर हम देखते थे गाँव में कोई भी शुभ कार्य हो महिलाओं की एक विशेष ही भूमिका…
उत्तराखंडी समाज में बसंत पंचमी का महत्व उसी तरह है जिस तरह मकरैणी यानी मकर संक्रांति का. पंचमी पर स्नान…
‘बाबुल की दुआएं लेती जा, जा तुझको सुखी संसार मिले’ गीत को उत्तर भारत की शादियों का राष्ट्रीय विदाई गीत…
उत्तराखण्ड की सीमान्त जोहार घाटी में मिलम के करीबी गांव जलथ में रहने वाले प्रयाग रावत बचपन से ही हिमालय…
संत राम और आनंदी देवी की जोड़ी में उत्तराखण्ड का लोक संगीत बसता है कहना बिलकुल गलत नहीं होगा. इस…
उत्सव शब्द ही अपने आप में हर्षो-उल्लास एवं खुशी को व्यक्त करता है. जब भी किसी उत्सव की बात होती…
देवभूमि उत्तराखंड के हर क्षेत्र में डेढ़ सौ साल से भी अधिक समय से शास्त्रीय संगीत पर आधारित बैठकी होली…
भांति-भांति के कैलेंडर देखकर एक उत्तराखंडी होने की वजह से हमारा भी मन करता है कि हमारा भी अपना एक…
धौन पानी क्षेत्र के एक गांव में तीन लोग रहते थे — सास, ससुर और बहू. सास और ससुर बहु…
हिमालय पर्वत की घाटी में एक ऋषि रहते थे. बर्फ सी सफेद पकी दाढ़ी वाले ऋषि कंद, मूल, फल खाते…