संस्कृति

लोक कथा : मनमंजरी और सियार

किसी जंगल में एक बकरा और बकरी साथ रहा करते थे. बकरी का नाम था मनमंजरी. दोनों बहुत दुखी थे,…

5 years ago

लोक कथा : माँ की ममता

प्यार से गोपू पुकारा जाने वाला गोपाल बहुत मिन्नतों के बाद पैदा हुई अपने माता-पिता की इकलौती संतान था. माता-पिता…

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लोककथा : भाई भूखा था, मैं सोती रही

चैत्र का महीना शुरू हो गया था. सभी ब्याहताओं की तरह वह भी अपने भाई का रस्ता देखने लगी. भाई…

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लोक कथा : दिन दीदी रुको-रुको, अभी रुक जाओ

जाने कैसा भाग बदा था उस बहू का जो ऐसी दुष्ट सास मिली. बहू जितनी सीधी-सादी, निश्छल व सरल स्वभाव…

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लोककथा : इजा! बस तीन पतली-सी रोटियाँ

बहुत पुरानी बात है. उस पहाड़ी गाँव में एक लड़की रहती थी. माँ के अलावा उसका इस दुनिया में कोई…

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न्यौली चिड़िया से जुड़ी कुमाऊनी लोककथा

पहाड़ की बाखलियों के आस-पास इन दिनों न्यौली चिड़िया का बोलना खूब सुनाई देना शुरु हो गया. उदासी, करुणा और…

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महाशिवरात्रि पर्व पर ‘सोमेश्वर महादेव’ से एक्सक्लूसिव तस्वीरें

सोमेश्वर क्षेत्र शिव की घाटी के रूप में भी जाना जाता है. इसे पूरे क्षेत्र में 12 से अधिक शिव…

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डरपोक बाघ और चालाक सियार की कहानी

बड़ी पुरानी बात है जंगल के राजा बाघ और हाथी के बीच भयंकर लड़ाई हो गयी. 22 दिन 22 रात…

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नास्तिक : कुमाऊनी लोककथा

एक व्यक्ति ने एक सन्यासी से तीन सवाल पूछे. (kumaoni folklore Ivan Minayev) पहला सवाल था — आप ऐसा क्यों…

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क़ीमती सलाह : कुमाऊनी लोककथा

एक अमीर आदमी के दो बेटे थे, जब वे बड़े हुए तब उसने दोनों को अपना व्यापार शुरू करने के…

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