कथा

सियार और बाघिन की शादी : पहाड़ी लोककथा

पहाड़ सियारों के मूल घर हुआ करते थे और बाघ रहते थे तराई में. एक बार दोनों के सरदारों में…

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अजनबी मामा- उत्तराखंडी लोककथा

एक गांव में पति-पत्नी अपने बच्चे के साथ रहते थे. एक बार दोनों के बीच किसी बात को लेकर कहा-सुनी…

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कमजोर की मदद स्वयं ईश्वर भी नहीं करता : पहाड़ी लोककथा

एक दिन यूं ही बैठे-बैठे ईश्वर ने अपनी लीला रची और बना दिये खूब सारे जीव, नदी-नाले, पर्वत-पहाड़, समुद्र और…

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बुद्धिमान कुत्ता : कुमाऊनी लोककथा

एक पहाड़ी गांव में एक आदमी रहता था. अपने घर की छत की मरम्मत के लिये उसने एक दूसरे गांव…

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चांद और चकोर के प्रेम की कहानी: लोककथा

चांद और चकोर के प्रेम की कहानी किसने न सुनी होगी. दुनिया में जहां प्रेम का बात होगी वहां चांद…

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बकरे का सौदा जो सोने के दिखावे में बदल गया : लोककथा

आहा, तो बड़ी पुरानी बात होगी. एक कस्बे में खूब बड़ा सेठ रहा करता था. एक दिन उसकी सेठानी को…

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अल्मोड़े का अनरिया जिसने भूत-भिसौंड़ों से मडुवे के खेतों में गुड़ाई करवाई

अल्मोड़ा के पास ही एक गांव था जिसका नाम था अन्यारीकोट. अन्यारीकोट के लोग भूत-भिसौंड़े को नियंत्रित करने में माहिर…

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द्वाराहाट का चालाक बैल

द्वाराहाट कुमाऊं के सबसे पुराने नगरों में गिना जाता है. द्वाराहाट की भव्यता के चर्चे पूरे कुमाऊं-गढ़वाल में बरसों से…

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लार से भस्म कर देने वाला राक्षस: कुमाऊनी लोककथा

पहाड़ से निकलने वाली नदी किनारे एक सुंदर सी बसावट हुआ करती थी. नदी वार और पार गांव वाले ही…

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लिखा हुआ पत्ता : कुमाऊनी लोककथा

एक था गरीब ब्राह्मण. उसकी एक पत्नी थी – ब्राह्मणी. ब्राह्मणी घूम-घूम कर भीख माँगा करती थी. इसी तरह वे…

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