कॉलम

बावड़ी नौला वाव अल्मोड़ा

–रानी की वाव!–व्हाट? वाव? मैं भाषा में भटकता हूं... संस्कृत में एक शब्द है वापी. वापी यानी जलाशय या कुआं.…

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गुरुजी का पहला और आखिरी लाइव

"क्या आपको मेरी आवाज़ आ रही है? क्या मैं दिखाई दे रहा हूँ?” गुरुजी ने कहा. "आवाज़ तो आय रई…

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हल्द्वानी में थिएटर वर्कशॉप के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू

उत्तराखण्ड में थिएटर में दिलचस्पी रखने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है. ‘काफल ट्री फाउंडेशन’ और ‘द शक्ति ऑनसेम्बल’…

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अद्भुत व आश्चर्यजनक नेपाल में मुक्तिनाथ

मुक्तिनाथ मंदिर झोंग खोला घाटी के शीर्ष में स्थित है. यही झोंगखोला घाटी सामान्यतः मुक्तिनाथ घाटी के नाम से अपनी…

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पिथौरागढ़ के कैलाश कुमार को मिला प्रतिष्ठित ‘उस्ताद बिस्मिल्लाह खां’ सम्मान

पिथौरागढ़ के कैलाश कुमार को वर्ष 2021 के लिए निर्देशन क्षेत्र में ‘उस्ताद बिस्मिल्लाह खां युवा पुरस्कार’ दिया जायेगा. ‘उस्ताद…

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‘सांस्कृतिक संक्रमण’ पर प्रो. डी. डी. शर्मा का तीस साल पुराना लेख

आज से 60-70 वर्ष पूर्व हमारी पीढ़ी के लोगों ने कुमाऊँ की पावन भूमि के जिस सांस्कृतिक वातावरण में प्रथम…

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पांडेय बेचन शर्मा ‘उग्र’ की कहानी जल्लाद

प्रातः आठ साढ़े आठ बजे का समय था. रात को किसी पारसी कम्पनी का कोई रद्दी तमाशा अपने पैसे वसूल…

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आजकल मनाया जा रहा है मंगसीर बग्वाल

दीपावली के ठीक एक माह बाद जो दीपावली आती है उसका नाम है मंगसीर बग्वाल. इसे उत्तराखण्ड के गढ़वाल क्षेत्र में…

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नवम्बर की गुलाबी धूप और माल्टा

देश और दुनिया के लोगों के दिमाग में माल्टा शब्द सुनकर यूरोपीय देश का ध्यान आता है. पर एक असल…

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ज्ञानरंजन की कहानी ‘अनुभव’

1970 की गर्मियों का प्रारंभ था. गंगा के मैदान में गर्मियों के बारे में सभी जानते हैं. यहाँ पर मौसम…

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