मुक्तेश्वर जैसे छोटे से कस्बे ताल्लुक रखने वाली निर्मला ने आखिर मायानगरी में अपना मुकाम बना ही लिया. निर्मला तमाम…
इक्कीसवीं सदी के बहुत प्रतिभाशाली बुद्धिजीवी और हिब्रू यूनिवर्सिटी युरोशलम में प्रोफेसर युवाल नोवा हरारी अपने एक लेख में बताते…
गांव में एक चचा थे, सरिया और एल्युमिनियम के तार मोड़कर इतनी जबर्दस्त गाड़ियां बनाते थे कि क्या कहने, रविवार…
दोस्तों, बचपन में होश संभालते ही सामाजिक रीति-रिवाजों के बावत जानकारी होना शुरू हुई. इन्हीं में से एक 'भाड़' हो…
मैं अपने गांव से जुड़ी एक प्यारी सी फसक आप से साझा करने जा रहा हूं, यह फसक मैंने बचपन…
मेरी पढ़ाई-लिखाई का माध्यम हिंदी था. ज़ाहिर है विचार-प्रक्रिया भी हिंदी में ही चलती है. साहित्य भी सर्वाधिक हिंदी का…
हिमालय के पार के प्रदेश तिब्बत का प्राचीन नाम था "उत्तर कुरु "जहां कैलास मानसरोवर और गोर्ला मान्धाता तीर्थ थे.…
कहते हैं कि जब हम जवान होते हैं, तो वेल्थ के लिए अपनी हेल्थ दांव पर लगाने को तैयार रहते…
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड में चल रही ऑल वेदर रोड परियोजना के संबंध में एक महत्वपूर्ण निर्णय…
“कब से ऐसा महसूस हो रहा है?” “ये क्या बकवास है? अरे इसमें महसूस जैसा क्या है, मैं हूँ कवि,…