कॉलम

क्या ख्वाब देखे थे, क्या मंजर नुमाया है

महाराष्ट्र में पिछले एक महीने में सामने आए घटनाक्रम पर अगर गौर फरमाएंगे, तो होश उड़ जाएंगे. जनता बेचारी सिर्फ…

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सोर की होली के रंग

सोर की होली के रंग ही निराले. एक तरफ अल्मोड़े की बैठि या बैठकी होली के सुर आलाप तो दूसरी…

5 years ago

शौर्य और परम्पराओं की मजबूत जड़ों से जुड़ा ‘बिशुंग’ गांव

चम्पावत जिले का अधिकांश भाग ‘काली कुमाऊं’ के नाम से जाना जाता है. बिशुंग गांव इसी काली कुमाऊं का एक…

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नैनीताल मालरोड में बुरांश खिला है

भला कौन जानता था कि सरोवर नगरी नैनीताल की मालरोड पर एक दिन चिनारों की संगत में बुरांश के दो…

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बैजू बकरा: गढ़वाल रायफल्स में एक बकरे के जनरल बनने की कहानी

प्रथम विश्व युद्ध का समय था. गढ़वाल रायफल्स की एक टुकड़ी को अफगानिस्तान में विद्रोह दबाने को भेजा गया इससे…

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अल्मोड़े में होली के रंग: फोटो निबंध

महिला कल्याण संस्था अल्मोड़ा द्वारा बीते दिनों अल्मोड़े में होली की शुरुआत की गयी. महिला कल्याण संस्था अल्मोड़ा में महिला…

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अगर संवारना है भाग्य, तो सोचने का ढंग बदलिए

किसी भी क्षण आपके पास सोचने के लिए हमेशा दो विकल्प रहते हैं. पहला यह कि आप जिसके बारे में…

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सरसराना: प्रिय अभिषेक का चुटीला व्यंग्य

“क्या आप अपनी नौकरी से परेशान हैं? क्या आपको अपनी नौकरी में अनेक बाधाओं का सामना करना पड़ता है?(Sarsarana Satire…

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उत्तराखण्ड में सामाजिक चेतना के अग्रदूत ‘बिहारी लालजी’ को श्रद्धांजलि

बीते 18 मार्च को उत्तराखण्ड में सामाजिक चेतना के अग्रदूत 'बिहारी लालजी' का निधन हो गया. सर्वोदयी विचारधारा के अग्रणी…

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शेरदा ‘अनपढ़’ की कविता मुर्दाक बयान

https://www.youtube.com/embed/pU4wsqxMyE0 जब तलक बैठुल कुनैछी, बट्यावौ- बट्यावौ है गेपराण लै छुटण निदी, उठाऔ- उठाऔ है गे(Sherda Anpadh Poem) जो दिन…

5 years ago