प्रो. मृगेश पाण्डे

पर्वतीय विकास – क्या समस्या संसाधन की नहीं शासन उपेक्षा की रही?

पिछली कड़ी : तिवारी मॉडल में पहाड़ की उद्योग नीति और पलायन आजादी के दौर में  1946 से 1954 तक…

1 week ago

प्रबल प्रयास की चाह में सिडकुल और उपजी विषमता

पिछली कड़ी  : तिवारी मॉडल में पहाड़ की उद्योग नीति और पलायन राज्य अंर्तसंरचना एवम औद्योगिक विकास कारपोरेशन अर्थात "सिडकुल" जिसकी स्थापना…

3 weeks ago

उत्तराखंड बजट : स्वयं स्फूर्ति से परिपक्वता की ओर

लेखे के नये लाल बैग से निकला निर्मल बजट उत्साह संवर्धन नीति का पिटारा लाया है. ऐसे समय में जब…

4 weeks ago

तिवारी मॉडल में पहाड़ की उद्योग नीति और पलायन

पिछली कड़ी  : जब तक सरकार मानती रहेगी कि ‘पलायन’ विकास की कीमत है, पहाड़ खाली ही होते रहेंगे उत्तराखंड की…

1 month ago

जब तक सरकार मानती रहेगी कि ‘पलायन’ विकास की कीमत है, पहाड़ खाली ही होते रहेंगे

पिछली कड़ी  : उत्तराखंड विकास नीतियों का असमंजस उत्तराखंड में पलायन मात्र रोजगार का ही संकट नहीं रहा, यह तो पिछले दो…

1 month ago

खेती की जमीन पर निर्माण की अनुमति : क्या होंगे परिणाम?

उत्तराखंड सरकार ने कृषि भूमि पर निर्माण व भूमि उपयोग संबंधित पूर्ववर्ती नीति में फेरबदल किया है. यह निर्णय लिया…

1 month ago

उत्तराखंड विकास नीतियों का असमंजस

पिछली कड़ी यहां पढ़ें : उत्तराखंड में सेवा क्षेत्र का विकास व रणनीतियाँ उत्तराखंड की स्थापना वर्ष 2000 में हुई,…

2 months ago

उत्तराखंड में सेवा क्षेत्र का विकास व रणनीतियाँ

उत्तराखंड की भौगोलिक, सांस्कृतिक व पर्यावरणीय विशेषताएं इसे पारम्परिक व आधुनिक दोनों प्रकार की सेवाओं के लिए अत्यंत संभावनाशील राज्य…

3 months ago

उत्तराखंड में वित्तीय अनुशासन की नई दिशा

उत्तराखंड जैसे संसाधन सीमित हिमालयी राज्य के लिए वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता केवल प्रशासनिक विषय नहीं बल्कि विकास का मूल…

4 months ago

कुमाउनी भाषा आर्य व अनार्य भाषाओं का मिश्रण मानी गई

कुमाउनी शब्द सम्पदा की विपुलता, विविधता और सामर्थ्य के प्रसंग में लब्ध प्रतिष्ठित भाषा शास्त्रियों का मत है कि कभी-कभी तो…

4 months ago