कॉलम

पहाड़ी संस्कृति को अन्तराष्ट्रीय पहचान दिलाने वाले मोहन उप्रेती की पुण्यतिथि है आज

1955 का साल था. दुनिया में शीतयुद्ध की हवा गर्मा रही थी. भारत के दौरे पर सोवियत रूस के दो…

4 years ago

ओ परुआ बौज्यू की गायिका वीना तिवारी

यदि उत्तराखंड और विशेषरूप से कुमाऊं अंचल की बात करूं तो यहां की सर्वाधिक पसंदीदा फीमेल वाइस नईमा खान उप्रेती,…

4 years ago

आज विश्व साइकिल दिवस है

मानव इतिहास की सबसे बड़ी खोजों में से एक खोज रही है पहिये का आविष्कार. पहिये की खोज ने मनुष्य…

4 years ago

बेमौत ज़मींदोज़ हुए लोगों की भटकती आत्माएं ट्वाल के रूप में दिखती हैं

पहाड़ की लोक परम्पराओं, लोक आस्थाओं एवं लोकपर्वों की विशिष्टता के पीछे देवभूमि के परिवेश का प्रभाव तो है ही…

4 years ago

साइकिल, उस्ताद और शिक्षा

अपने जमाने में चलन ऐसा नहीं था कि तीन साल का हो जाने पर बच्चे को तिपहिया साइकिल दिलायी जाए…

4 years ago

कहाँ से आई अल्मोड़े की बाल मिठाई

https://www.youtube.com/embed/h4jd64CFtwY अल्मोड़ा और बाल मिठाई तो जैसे एक दूजे के पर्याय हैं. इधर अपने बाल मिठाई कहा उधर अल्मोड़ा ख़ुद-ब-ख़ुद…

4 years ago

नैनीताल में शूट हुई हिट हिन्दी फ़िल्में

https://www.youtube.com/embed/OYwKQNzL6Pw चारों तरफ से बांज, देवदार और चिनार से सजी पहाड़ियों के बीच गहरे हरे रंग की यह झील देश…

4 years ago

शेखर पाठक की नज़र में केदारनाथ का विकास व वर्तमान स्थिति: इंटरव्यू

केदारनाथ के सतत विकास को लेकर किये अपने चार साल के शोध के दौरान मैंने यही पाया कि 2013 की…

4 years ago

छिपलाकोट अन्तर्यात्रा: मुड़ मुड़ के न देख

पिछली कड़ी यहां पढ़ें: छिपलाकोट अंतरकथा : जिंदगानी के सफर में, हम भी तेरे हमसफ़र हैं "दस ग्यारह साल की…

4 years ago

असौज का नाम आते ही पहाड़ में बुतकार लोगों की बाजुएं फड़कने लगती हैं

असौज का नाम आते ही पहाड़ में बुतकार लोगों की बाजुएं फड़कने लगती हैं और कामचोरों की सास मर जाती…

4 years ago