प्रो. मृगेश पाण्डे

जौनसार: जहां देवता आज भी चलते फिरते हैं

शिवालिक की सुरम्य पहाड़ियों में प्रकृति ने अनूठे रंग भरे हैं. यहाँ का जन जीवन भी विविधता से भरा है…

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कैलास मानसरोवर यात्रा का सम्पूर्ण इतिहास और यात्री

हिमालय के पार के प्रदेश तिब्बत का प्राचीन नाम था "उत्तर कुरु "जहां कैलास मानसरोवर और गोर्ला मान्धाता तीर्थ थे.…

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सुरेंद्र सिंह वल्दिया : सोर घाटी से अर्जुन अवार्ड तक एक ठेठ पहाड़ी की यात्रा

सोर घाटी में जूनून की हद तक खेलों की दीवानगी रही है. छोटे बड़े मैदानों में सुबह शाम जमा होते…

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सालाना करोड़ों मुनाफ़ा कमाने वाली चंडाक मैग्नेसाइट फैक्ट्री के बंद होने की कहानी

प्रख्यात भूगर्भशास्त्री डॉ. खड्ग सिंह वल्दिया ने अपने अध्ययन में यह आंकलन किया था कि पिथौरागढ़ जनपद में मैग्नेसाइट के…

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पहाड़ों में सातों-आठों की बहार आ गयी है

भादों की शुक्ल पक्ष की अष्टमी को कुमाऊं और नेपाल में हर्षोल्लास और श्रृद्धा भक्ति से भरा प्रकृति को समर्पित,…

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पहाड़ में नीली क्रांति को समर्पित कुमकुम साह

पंडा फार्म पिथौरागढ़ में कभी कभार ताजी साग सब्जी खरीदने, अंडा मुर्गी लेने जाना होता. जर्सी नसल की गायों का…

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कल है पहाड़ियों का लोकपर्व घ्यूं त्यार

कुमाऊं में भादों मास की संक्रांति घ्यूँ त्यार मनाया जाता है. इसे 'ओलकिया' या 'ओलगी' संक्रान्त भी कहते हैं. इस…

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लोक में रचे बसे रंग और पहाड़ की कलाकारी

पहाड़ में अपनी भावनाओं को रेखाओं, आकृतियों का रूप दे उनमें रंग भर जीवंत कर देना हर घर-आँगन, देली-गोठ और…

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सावन की पूर्णिमा के दिन पहाड़ में मनाई जाती है जन्यो पून्यूं

शिब जू का प्यारा महीना हुआ सावन और इसी सावन की पून्यूं यानि पूर्णिमा के दिन पहाड़ में मनाई जाती है, "…

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सावन के महीने शिव और कृष्ण के प्यारे साँप और नाग

साँप-सर्प, नाग-अजगर का नाम सुनते ही बदन में सिहरन और दिमाग में बैठा डर घनीभूत हो जाता है. जानकार कहते…

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