कला साहित्य

मनोहर श्याम जोशी को याद करते हुए ‘कसप’ से एक अंश

यह शहर मुझे तभी स्वीकार करेगा जब मैं सरकारी नौकरी पर लगूं, तरक्की पाता रहूं और अवकाश प्राप्त करके यहाँ…

4 years ago

कहानी : भिटौली यानी मां उदास है

भिटौली का महीना शुरू हो चुका था. अगल-बगल की महिलाओं की भिटौली पहुँचने लगी थी. कागज की पुड़िया में मिठाई-बतासे…

4 years ago

हैं बिखरे रंग माज़ी के

उस तरफ विपुल की आवाज़ थी. इस तरफ फोन के जाने कौन था. तब तक, जब तक मैं नहीं था!…

4 years ago

ढलान : नवीन कुमार नैथानी की कहानी

नदी तक पहुँचने की हड़बड़ाहट में उन्होंने गलत पगडंडी पकड़ ली. यह संकरा रास्ता था और ढलान तेज थी. वे…

4 years ago

जाखन : नवीन कुमार नैथानी की कहानी

जाखन नाम की वह नदी सौरी के लोगों को सपनों में बहती हुई दिखाई पड़ती थी. उनके सपनों के बाहर…

4 years ago

पंच परमेश्वर: मुंशी प्रेमचंद की कहानी

जुम्मन शेख़ और अलगू चौधरी में गाढ़ी मित्रता थी. साझे में खेती होती थी. कुछ लेन-देन में भी साझा था.…

4 years ago

परदा : यशपाल की कहानी

चौधरी पीरबख़्श के दादा चुंगी के महकमे में दारोग़ा थे. आमदनी अच्छी थी. एक छोटा, पर पक्का मकान भी उन्होंने…

4 years ago

इलाचन्द्र जोशी की कहानी ‘रेल की रात’

गाड़ी आने के समय से बहुत पहले ही महेंद्र स्टेशन पर जा पहुँचा था. गाड़ी के पहुँचने का ठीक समय…

4 years ago

हिमांशु जोशी की कहानी ‘भगवान नहीं हैं’

भगवान नहीं है पावरोटी ! हां-हां पावरोटी चुराई थी उसने. सुना भाग रहा था. भागेगा नहीं तो क्या चोरी कर…

4 years ago

दुनिया में सबसे पहले चावल की खेती चूहे और चुहिया ने की: कुमाऊनी लोककथा

दुनिया में सबसे पहले धान खेती किसने की इस सवाल के हज़ारों जवाब मिलते हैं. इतिहास, विज्ञान, लोकमान्यताओं का ढेर…

4 years ago