एक गांव में एक व्यापारी अपनी दो पत्नियों के साथ रहता था. दोनों पत्नियाँ आपस में खूब झगड़ा करती थी…
संध्या का समय था. डॉक्टर चड्ढा गोल्फ़ खेलने के लिए तैयार हो रहे थे. मोटर द्वार के सामने खड़ी थी…
पिछले पन्द्रह दिनों से दंड-जुरमाने के पैसे जमा करके महतो टोली के पंचों ने पेट्रोमेक्स ख़रीदा है इस बार, रामनवमी…
ईश्वरी एक बड़े ज़मींदार का लड़का था और मैं एक ग़रीब क्लर्क का, जिसके पास मेहनत-मजूरी के सिवा और कोई…
मंगू कोचवान अपने अड्डे में बहुत अक़लमंद आदमी समझा जाता था. गो उस की तालीमी हैसियत सिफ़र के बराबर थी…
- अनिरुद्ध कुमार आठ बज रहे थे और नैनीताल की सर्दियों की रात शहर पर उतर चुकी थी. आप जानते…
एक गांव में एक औरत और उसका बेटा पुरु रहता था. मां जितनी बुद्धिमान थी पुरु उतना ही नासमझ. जब…
संध्या गहराने को थी, जब विद्या के पति जयदेव अपने काम से वापस आए और विद्या ने घर का दरवाज़ा…
रात भर बारिश टिन की छत को किसी ढोल या नगाड़े की तरह बजाती रही. नहीं, वह कोई आंधी नहीं…
फेसमास्क लापरवाही से गले पर लटकाये, अधीरता से गाड़ी की खिड़की से अंदर झांकते हुए, पुलिस वाला शेखर को शक…